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खाद न मिलने से गेहूं की बिजाई प्रभावित

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मंडी के सैन मोहल्ले में खाद का खाली स्टोर। - फोटो : Mandi
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मंडी। जिला मंडी के अधिकतर उपमंडलों में गेहूं की बिजाई के साथ 12:32:16 खाद किसानों को नहीं मिल रही है। अधिकांश केंद्रों में खाद नहीं है। जहां पहुंच रही है वहां ऊंट के मुंह में जीरे के समान हो रही है। किसानों में खाद के लिए मारामारी हो रही है।
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यहां-वहां से जुगाड़ किया जा रहा है। किसानों को जैसे ही जानकारी मिलती है कि फलां स्टोर में खाद पहुंची है, तुरंत वहां पहुंच जाते हैं। वहां से भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सरकार ने खाद के संकट को दूर करने के लिए सभी स्टोरों में खाद भेजने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन खाद अभी तक स्टोरों में नहीं पहुंच रही है। ऐसे में गेहूं की बिजाई प्रभावित हो रही है। जिला मंडी में खाद के नौ स्टोर हैं जिनको हिमफेड संचालित करता है।
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मांग अधिक, आपूर्ति नाममात्र
हिमफेड के गोहर स्थित स्टोर में सोमवार को बाकी सभी खादें थीं मगर 12-32-16 नहीं थी। यहां 1500 बैग की डिमांड है। लौंगणी स्टोर में भी खाद नहीं मिल रही है। यहां 150 बैग की डिमांड है। बल्ह के लूणापानी स्टोर में तीन हजार से अधिक खाद के बैग की डिमांड है। यहां सोमवार को मात्र 300 बैग ही पहुंचे और उसी समय खत्म हो गए।
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भांबला में सोमवार को मात्र 300 बैग ही पहुंचे, यहां 1000 खाद के बैग की डिमांड है। डैहर केंद्र में अभी खाद आनी है, यहां से 250 बैग की मांग है। सुंदरनगर में 300 बैग की डिमांड है। जोगिंद्रनगर में भी अभी तक खाद नहीं पहुंच पाई है, यहां पर 200 से अधिक बैग की डिमांड है। मंडी शहर के एकमात्र लाइसेंसधारक नवीन ने बताया कि उनके पास लूणापानी स्टोर से खाद आती है। गोदाम में 12-32-16 का एक भी बैग नहीं है। धर्मपुर में भी खाद नहीं थी।
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केस-1 : बलद्वाड़ा क्षेत्र के किसान प्रकाश शर्मा ने बताया कि खाद के लिए डिपो के कई चक्कर लगा चुके हैं। अब बिना खाद के ही बिजाई कर दी है। इलाके में अभी तक सैकड़ों किसान बिना खाद के रह गए हैैं। डिपो में खाद की आपूर्ति नाममात्र हो रही है, जिसके चलते किसानों को बहुत परेशानी हो रही है।
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केस-2 : सरकाघाट के किसान नेता नंदलाल ने बताया कि खाद के लिए उन्हें काफी भटकना पड़ा। किसी रिश्तेदार की मदद से खाद की एक बोरी का उन्होंने बड़ी मुश्किल से इंतजाम किया। यह बोरी 20 किलोमीटर दूर से ऑटो में लानी पड़ी।
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