गोहर (मंडी)। जिला मंडी में एचपीएमसी (बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम) ने सात सेब खरीद केंद्र खोल दिए हैं। तीन केंद्र पहली अगस्त से खुलने जा रहे हैं। बंपर फसल के चलते एचपीएमसी के खरीद केंद्रों में भारी मात्रा में सेब के आने की उम्मीद है।
यही नहीं ओलों से प्रभावित टनों के हिसाब से सेब एचपीएमसी के केेंद्रों में बागवान पहुंचाने की तैयारी में है। पिछले साल एचपीएमसी ने जिले में 57,486 बैग की खरीद की थी। इस बार एचपीएमसी को तीन गुना अधिक सेब पहुंचने की उम्मीद है।
एचपीएमसी के चिंडी स्थित प्रभारी झाबर सिंह ने सात सेब खरीद केंद्र खोलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चिंडी, महासुधार, सेरी, जड़ोल, निहरी, चैलचौक और बगस्याड में खरीद शुरू हो गई है। तीन अन्य केंद्र च्यूणी, छतरी, कढवांड़ा में पहली अगस्त से सेब खरीद केंद्र खुलेंगे। कुल दस सेब खरीद केंद्र खोले जा रहे हैं।
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जूस होता है तैयार
एचपीएमसी खरीदे गए सेब का जूस तैयार करता है। बागवानों चंद्रमनी, रमेश, राम लाल, तपेंद्र, मोहन, लाला राम, हरनाम, पवन आदि ने बताया कि ओलों से खराब सेब एचपीएमसी को दिया जाएगा। इस बार दिल्ली आजादपुर मंडी में सेब के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। इससे बागवान दिल्ली मंडी जाने से हाथ पीछे करने लगे हैं। स्पर और नई वैरायटियों का सेब मंडियों में हाथों हाथ बिक रहा है।
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इन क्षेत्रों में होती है सेब की पैदावार
जिला मंडी के करसोग, चुनाग, चरखडी, पांगणा, शकोहर, थमाड़ी, रोहांडा, बाढ़ू, घीड़ी, कुटाहची, सरोआ, फंग्यार, जहल, धंग्यारा, सलाहर, काढ़ा, बगस्याड, थुनाग, जंजैहली, छतरी, पंजाई, थाची और द्रंग आदि क्षेत्रों में सेब की पैदावार होती है। सरकार ने इस बार सेब का समर्थन मूल्य एक रुपया बढ़ाया है।
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