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आत्महत्या को विवश करने का आरोपी बरी

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मंडी। विवाहिता को प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए विवश करने का अभियोग साबित न होने पर अदालत ने आरोपी पति को बरी करने का फैसला सुनाया है।
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सत्र न्यायाधीश के न्यायालय ने बल्ह तहसील के पिपली (ट्रोह) निवासी ठाकुर दास को भादंसं की धारा 498-ए और 306 के तहत विवाहिता को प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए विवश करने का अभियोग साबित न होने पर बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार विवाहिता निशा देवी की शादी आरोपी से घर वालों की सहमति के बिना हुई थी। उसके बाद पति पर प्रताड़ित करने के आरोप लगे। इसी दौरान विवाहिता निशा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
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इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके अदालत में अभियोग चलाया था। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन को इस मामले में यह साबित करना था कि आरोपी ने ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दी थीं कि जिसके कारण विवाहिता के सामने आत्महत्या के सिवाय कोई अन्य रास्ता न था।
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अदालत ने कहा कि इस मामले में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि मृतका ने आरोपी की यातना के कारण आत्महत्या की है। ऐसे में अदालत ने माना कि आरोपी पर विवाहिता से क्रूरता करने और उसे आत्महत्या को विवश करने का अभियोग साबित नहीं हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद
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