पंडोह/नगवाईं (मंडी)। भारी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार शाम से जारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से किरतपुर-मनाली फोरलेन पर मंडी-कुल्लू एनएच पूरी तरह से बंद हो गया। मंगलवार सुबह हालात और बिगड़ गए। ब्यास नदी का तेज बहाव दवाडा फुटब्रिज को अपने स्थान बहा ले गया। झलोगी में हाईवे का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से सैकड़ों वाहन और यात्री 24 घंटे से फंसे हुए हैं।
सबसे ज्यादा नुकसान झलोगी और दवाडा क्षेत्र में हुआ है। झलोगी में एनएच का हिस्सा बहने से आवाजाही पूरी तरह रुक गई है। वहीं, दवाडा फ्लाईओवर के नीचे हाईवे पर ब्यास का पानी दो फीट तक चढ़ गया। इससे सड़क जलमग्न हो गई। इसके साथ बना पैदल पुल भी तेज बहाव में बह गया, जिससे आसपास के गांवों का संपर्क टूट गया है। उफान पर आई ब्यास का पानी झीड़ी नेचर पार्क में भी घुस गया।
मंगलवार सुबह ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने पर पंडोह बाजार में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और घरों में रहने वाले परिवारों ने अपना सामान ऊपरी मंजिलों पर शिफ्ट कर किया। बाबा बालक नाथ मंदिर प्रबंधन ने भी एहतियातन स्टोर का सामान ऊपर शिफ्ट कर दिया। उधर, पंडोह डैम से आगे पीवीटी मोड़ पर भी भूस्खलन से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। कभी भी टूटने का खतरा है।
मंडी शहर में 30 लोग किए रेस्क्यू
मंडी। भारी बारिश से ब्यास का जल स्तर बढ़ने पर प्रशासन ने तटीय इलाकों के मकान खाली करवा दिए हैं। पुरानी मंडी स्थित इंदिरा कॉलोनी के सात परिवारों के घर खाली करवाकर करीब 30 लोगों को पंचायत भवन मंडी में शिफ्ट किया गया है। उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। नगर निगम महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह से ही नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। उधर, होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय के धरातल में भी पानी घुसने की सूचना मिली है।
टकोली में भूस्खलन, खतरे में वार्ड-दो के मकान
भारी बारिश से टकोली टोल प्लाजा के पास बड़ा भूस्खलन हुआ है। मिट्टी और मलबा सड़क पर आ गया। इससे ग्राम पंचायत टकोली के वार्ड नंबर-दो के कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फोरलेन निर्माण के दौरान 90 डिग्री की कटिंग की गई थी और बार-बार आग्रह करने पर भी एनएचएआई ने यहां डंगे नहीं लगाए। पंचायत प्रधान सुंदर ठाकुर व अन्य ग्रामीणों ने इसे एनएचएआई की लापरवाही करार दिया है। पूर्व प्रधान शारदा शर्मा, केडी शर्मा, तारा देवी का कहना है कि एनएचएआई की लापरवाही से अब वार्ड नंबर दो के लोग मुसीबत में फंस गए हैं।
दवाडा में फ्लाई ओवर के नीचे घुसा ब्यास नदी का पानी। स्रोत जागरूक पाठक
दवाडा में फ्लाई ओवर के नीचे घुसा ब्यास नदी का पानी। स्रोत जागरूक पाठक
दवाडा में फ्लाई ओवर के नीचे घुसा ब्यास नदी का पानी। स्रोत जागरूक पाठक
दवाडा में फ्लाई ओवर के नीचे घुसा ब्यास नदी का पानी। स्रोत जागरूक पाठक