सुंदरनगर के निहरी में बर्फबारी के बाद रेस्क्यू के लिए जाते ऑफिस कानूनगो गंगा सिंह।
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हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी-बारिश से किसानों और बागवानों को राहत तो मिली, लेकिन 23 जनवरी सुबह करसोग-सुंदरनगर मार्ग से आ रहे ऊपरी हिमाचल के किन्नौर और रामपुर के 30 पर्यटकों के लिए यह बर्फ आफत बन गई। जब वे निहरी से 10 किलोमीटर दूर चौकी में फंस गए। जैसे ही इसकी सूचना प्रशासन को मिली तो राजस्व विभाग निहरी में कार्यरत ऑफिस कानूनगो गंगा राम तीन फीट बर्फ में 10 किलोमीटर पैदल चलकर चौकी गांव पहुंचे।
जानकारी के अनुसार किन्नौर, रामपुर के 30 बौद्ध अनुयायी वाहन में रिवालसर जा रहे थे। इन्हीं बौद्ध अनुयायियों को बर्फ से रेस्क्यू करने के लिए प्रशासन की तरफ से गंगा राम पहुंच गए। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से पहले इन पर्यटकों को चौकी गांव स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह और लोगों के घरों में ठहराया। बाद में 25 जनवरी की शाम तक इनके रहने और खाने का इंतजाम भी किया।
इसी दौरान लोक निर्माण विभाग के एसडीओ और जेई जेसीबी लेकर सड़क खोलने में लग गए। करीब दो दिन में सड़क बहाल कर करसोग-सुंदरनगर मार्ग आम वाहन के लिए खुल गया। हालांकि फील्ड कानूनगो की हिम्मत से बौद्ध अनुयायियों की जिंदगी बच गई, जिसके लिए उन्होंने दिल से आभार भी जताया। हालांकि फील्ड कानूनगो गंगा राम ने इसे अपनी जिम्मेवारी बताते हुए कहा कि वह अपने पद की जिम्मेवारी और प्रशासन के आदेशों का पालन कर रहे थे। उधर, कार्यकारी तहसीलदार निहरी टेक चंद ने बताया कि उक्त बौद्ध अनुयायियों के साथ अन्य वाहन चालकों को भी 25 जनवरी की शाम तक सड़क बहाल कर रवाना कर दिया था। राजस्व विभाग की तरफ से ऑफिस कानूनगो 23 जनवरी की सुबह ही मौके पर पहुंच गए थे।