मंडी के भडियाल में तेंदुए के शव को जीप में डाल कर ले जाते वन विभाग के कर्मचारी। संवाद
बैहना (मंडी)। बल्ह विस क्षेत्र की ग्राम पंचायत भड़याल के मलवाणा गांव में अलसुबह तेंदुए की गुर्राहट से पूरा क्षेत्र सहम उठा। सुबह 6:10 बजे तक मलवाणा गांव में तेंदुए ने जो आतंक मचाया, उससे सभी सिहर उठे। जैसे-जैसे लोगों को तेंदुए के आतंक की सूचना मिलती गई, आसपास गांवों के लोग भी डंडे लेकर मौके की ओर रवाना हो गए। दूरदराज क्षेत्रों से स्कूल आने वाले बच्चों के अभिभावकों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। स्कूली बच्चों के परिजन दिनभर डरे सहमे रहे तथा छुट्टी होने के बाद परिजन बच्चों को स्कूल लेने पहुंचे। आदमखोर तेंदुए ने 4 घंटे तक भड़याल, मलवाणा व चंडयाल गांव में आंतक मचाए रखा। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति भी खासा रोष दिखा। लोगों का आक्रोश तब और बढ़ गया जब वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे लेकिन उनके पास तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई भी हथियार या सामान नहीं था। लोगों का आरोप था कि सूचना के 2 घंटे बाद 9 बजे के आसपास वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वह भी खाली हाथ। ग्रामीणों को जैसे ही पता चला कि तेंदुए ने एक व्यक्ति को मार दिया है, उसके बाद लोगों ने घर में घुसे तेंदुए को जान की परवाह किए बगैर वही ढेर कर दिया। तेंदुए के आतंक का समाचार सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ तथा अभिभावकों को बच्चे स्कूल न भेजने की हिदायत दी गई।
पहली बार गांव में घुसा तेंदुआ
भड़याल पंचायत के मलवाणा गांव में इससे पहले इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है। लोगों का कहना है कि हालांकि मलवाणा गांव जंगल के साथ सटा हुआ है लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी भी तेंदुए का इस तरह का आतंक नहीं देखा। बुधवार को पहली बार तेंदुआ गांव में आया और करीब चार घंटे तक आतंक का पर्याय बना रहा। वन विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि इससे पूर्व क्षेत्र में तेंदुए के दिखाई देने की कोई सूचना विभाग को नहीं मिली थी अन्यथा विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए कारगर कदम उठाता। इस घटना से समूचे क्षेत्र में दिन भर दहशत का आलम रहा। आसपास के लोग भी अब घर से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं।