छतरी में आयोजित मेले में शिरकत करते देवी देवता व लोग। स्त्रोत :जागरूक पाठक
जंजैहली (मंडी)। सराज विधानसभा क्षेत्र स्थित छतरी में पांच दिवसीय ऐतिहासिक मगरू महादेव मेले का शुभारंभ शुक्रवार को धूमधाम और देव परंपराओं के साथ हुआ। दो नदियों के संगम पर स्थित देव मगरू महादेव मंदिर के प्रांगण में आयोजित मेले का उद्घाटन स्थानीय पंचायत प्रधान रिंकी शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मेला कमेटी ने मुख्य अतिथि को पारंपरिक शाॅल, टोपी और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
यह मेला सराज की समृद्ध देव संस्कृति और अनूठी आस्था का प्रतीक है। मेले के पहले दिन देव मगरू महादेव, देव चुंजवाला, देव नारायण, तिंदरी, देव खोडा, देव धनैलू और देव मटलासरी सहित सराज के सात प्रमुख देवी-देवताओं का भव्य समागम हुआ। जलेब में भजनों और वाद्ययंत्रों की धुन पर श्रद्धालुओं के साथ देवी-देवता भी झूमते नजर आए।
हर साल भाद्रपद (भद्रा) माह की शुरुआत में 17 से 21 अगस्त तक आयोजित होने वाले मेले में रोजाना मगरू महादेव नजदीकी गांवों की यात्रा करते हैं। 13वीं शताब्दी में निर्मित तीन मंजिला मगरू महादेव मंदिर अपनी अद्भुत काष्ठ कला (लकड़ी की नक्काशी) और सतलुज वर्गीय शैली के लिए उत्तर भारत में प्रसिद्ध है।
छतरी और कुल्लू के आनी के पास स्थित इस मेले में अगले चार दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय लोक गायकों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मेले में बैडमिंटन और वॉलीबाल प्रतियोगिताओं के अलावा दो सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा महिला मंडल, युवक मंडल और स्थानीय स्कूल के छात्र-छात्राएं अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।