टोर के पत्तल बनाने के लिए मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह को भेंट की गई मशीन।
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मंडी। ग्राम पंचायत भड़वाहण का मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह के सदस्य अब टौर (एक प्रकार का पेड़) के डोने और पत्तल तैयार कर अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ करेंगे। समूह सदस्यों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत पत्तल बनाने की मशीन निशुल्क उपलब्ध करवाई गई है। मशीन की कीमत 80 हजार के करीब है। इससे महिलाओं में खुशी है।
स्वयं सहायता समूह की प्रधान प्रधान सिरमा देवी और सचिव कांता देवी ने बताया कि समूह की अन्य 8 सदस्यों के साथ मिलकर पिछले आठ सालों से टौर के पत्तल बनाने का काम कर रहे हैं। मशीन से बनाए जाने वाले पत्तल डिस्पोजेबल पत्तल की तरह होते हैं। इससे डोने और मीडियम साइज की प्लेट भी बढ़िया किस्म की तैयार हो रही है। इसकी निचली सतह में एक पेपर का प्रयोग किया जाता है। उसके ऊपर टौर के पत्ते की सतह होती है।
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टौर के पत्तों को अधिक महत्व देते हैं लोग
टौर का पत्ता स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। लोग डिस्पोजेबल पत्तों की जगह टौर के पत्तों को अधिक महत्व देते हैं। विवाह, शादी या अन्य समारोह को लेकर लोग स्वयं सहायता समूह से ही टौर पत्तल की खरीदारी करते हैं। नवीनतम मशीन लगने से ग्रामीण महिलाओं को अब बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा। टौर की पत्तल डेढ़ सौ रुपये और डोने सौ रुपये प्रति सैकड़ा के हिसाब से विक्रय किए जा रहे हैं।
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पंचायत प्रधान जितेंद्र ठाकुर ने कहा कि विभाग की ओर से समूह के कार्यों की समीक्षा करने के बाद ही मशीन उपलब्ध करवाई गई है। पधर खंड विकास अधिकारी विद्या ठाकुर ने बताया कि समूह के सदस्य आठ वर्षों से टौर के पत्तल बनाकर आजीविका कमा रहे थे। महिलाओं की बेहतर कार्यशैली को देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने डोने पत्तल बनाने की मशीन मुहैया करवाई है।