मंडी। सरकाघाट के राजकमल और सराज के पद्म हत्याकांड अभी भी पुलिस के लिए पहेली बने हैं। शक के आधार पर पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ हुई है। इसके बावजूद अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। अब पुलिस दोनों मामलों के आरोपियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने की तैयारी में है।
दोनों मामलों में पुलिस ने अदालत में आवेदन कर लाई डिटेक्टर टेस्ट की मंजूरी मांगी है। सराज हत्याकांड के मामले की जांच कर रहे सुंदरनगर के डीएसपी दिनेश कुमार और सरकाघाट कि किहरन गांव में हुए हत्या के मामले की जांच कर रहे डीएसपी तिलक राज ने इसकी पुष्टि की है।
केस वन
दो दिसंबर को बलद्वाड़ा की समैला पंचायत के गांव किरहन के 34 वर्षीय राज कमल उर्फ लकी का शव घर से कुछ दूरी पर शिव मंदिर के समीप खेत से बरामद हुआ था। पुलिस ने इस मामले में एक दंपती को शक के आधार पर पकड़ा था। इसमें पति को छोड़ दिया था जबकि पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में मंडी जेल भेजा था। उसके बाद भी पुलिस को मामले में ठोस जानकारी हासिल नहीं हुई है। हालांकि पुलिस ने इसे मामले में 11 लोगों से फोन कॉल डिटेल के अनुसार पूछताछ की थी। मृतक से 2 दिसंबर को घटना से पूर्व बात की थी। लेकिन इस मामले में भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस से बुधवार को आरोपी महिला के बच्चों से भी पूछताछ की है। जांच से असंतुष्ट परिजनों ने अब महिला की लाई डिटेक्टर टेस्ट जांच की मांग करते हुए इस मामले को एसआईटी से जांच करवाने की मांग उठाई है।
केस टूू
सराज विधानसभा क्षेत्र के जंजैहली स्कूल में तैनात लिपिक पद्म सिंह का 13 दिसंबर को घर से कुछ दूरी पर पुलिया क नीचे शव बरामद हुआ था। इस पर परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज करवा कर जांच की मांग उठाई थी। पुलिस कार्रवाई में दो लोगों को शक के आधार पर पकड़ा था। परिजनों की मांग पर जांच अधिकारी को बदलने पर पुलिस ने करीब 50 लोगों से पूछताछ की है। आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रहने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगा है। ऐसे में परिजनों ने आरोपियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट की मांग की है।