जिलास्तरीय सम्मेलन में भाग लेते माकपा के कार्यकर्ता।
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मंडी। मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) की मंडी जिला कमेटी का दो दिवसीय 17वां जिला सम्मेलन मंगलवार को मंडी के विश्वकर्मा हाल में शुरू हुआ। सम्मेलन के पहले दिन वक्ताओं ने सरकार से भूमिहीन और गरीब किसानों की पांच बीघा तक जमीन मुफ्त में नियमित करने, शहरी क्षेत्रों में भूमिहीनों को 3 बिस्वा और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीनों को 5 बिस्वा भूमि मकान बनाने के लिए देने की मांग उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि मंडी जिले में उत्पादित की जा रही कृषि और बागवानी फसलों को विक्रय करने के लिए भंडारण एवं मार्केटिंग सुविधा, सिंचाई व्यवस्था, खाद, बीज की अनुपलब्धता की समस्या रहती है। इन्हें दूर किया जाए। सम्मेलन की शुरुआत जिले में पार्टी के वरिष्ठ नेता कॉमरेड परसराम के पार्टी का झंडा फहराने से हुई। इसके बाद शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
माकपा के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि हर चीज को निजी मुनाफे के आधार पर इस्तेमाल करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के चलते कोरोना के प्रसार तथा इससे होने वाली मौतों को रोकने में केंद्र सरकार बुरी तरह असफल रही है। टीकाकरण में भी असमानताएं देखने को मिल रही हैं। टीकाकरण में तेजी लाए बिना महामारी को नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनता महंगाई से त्रस्त है। सरकार बैंक, बीमा, तेल, रक्षा, रेल, हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों जैसे बुनियादी ढांचों और अन्य सरकारी उपक्रमों को बेच रही है।
माकपा के मंडी जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने पिछले तीन सालों की जिला कमेटी की राजनीतिक एवं सांगठनिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। कहा कि कांग्रेस और भाजपा पूंजीपतियों की पार्टियां हैं। इस दौरान भूपेंद्र सिंह, जोगिंदर वालिया और वीना वैद्य आदि मौजूद रहे।
इस दौरान प्रमुख हस्तियों की याद में एक शोक प्रस्ताव पारित कर 2 मिनट का मौन भी रखा गया। सम्मेलन में मजदूरों और कर्मचारियों के मुद्दे भी गूंजे। इस दौरान पुरानी पेंशन बहाली, भूमि अधिग्रहण आदि का मुद्दा भी उठा।
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