मंडी। केंद्र सरकार की ओर से 44 श्रम कानूनों को रद्द करके बनाई गई चार श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग को लेकर 23, 24 फरवरी को सभी मजदूर यूनियन देशव्यापी हड़ताल करेंगी।
यह जानकारी सीटू जिला कमेटी की बैठक में दी गई। मंडी के कामरेड तारा चंद भवन में जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में राज्य महासचिव प्रेम गौतम विशेष तौर पर उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि सीटू और अन्य मजदूर संगठन संयुक्त रूप से केंद्र सरकार की ओर से रद्द किए गए 44 श्रम कानूनों के बदले बनाई गई चार श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
इसे लेकर 23, 24 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके तहत मंडी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, पद्धर और निहरी में प्रदर्शन किए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश में सभी यूनियन इस हड़ताल में शामिल होंगी और सभी जिलों में हड़ताल और प्रदर्शन होंगे। इसके अलावा आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन हरियाणा सरकार की तर्ज पर वेतन देने और अपनी अन्य मांगों को लेकर फरवरी में होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में शिमला में महारैली आयोजित करेगी। बैठक में आउटसोर्सिंग आधार पर काम कर रहे 40 हजार मजदूरों को नियमित करने की नीति बनाने की भी मांग उठाई।
बैठक में रेहड़ी फड़ी, सफाई, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, मनरेगा, निर्माण, फोरलेन मजदूर, बिजली, जलशक्ति एवं आशा वर्करों, अंशकालिक मजदूरों को उनकी मांगों के आधार पर संगठित करने की भी योजना बनाई गई। बैठक में भूपेंद्र सिंह, राजेश शर्मा, रविकांत, गुरुदास वर्मा, गोपेंद्र शर्मा, रमेश गुलेरिया, इंद्र सिंह, राजेंद्र कुमार, ललित कुमार, हमिंद्री शर्मा, सरोज देवी, सुदर्शना, क्षमा, कुलदीप, सुरेंद्र कुमार, प्रवीण कुमार, मनी राम आदि ने भाग लिया। संवाद