पहली सांस्कृतिक संध्या में गीता भारद्वाज ने भी बेहतरीन प्रस्तुतियों से मोहा मन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या में बतौर स्टार कलाकार हिमाचली लोक गायक कुलदीप शर्मा ने दर्शकों को खूब नचाया। मंच पर आते ही दर्शकों ने उनका तालियों और सीटियां से स्वागत किया।
कुलदीप ने लागा ढो लो रा ढमाका, कुल्लू मनाली लगा मेला, दरोगा जी छोरुआं जो लेयां समझाई बाता जांदे सीटी मारदे, रंग रूप तेरा बड़ा प्यार ओ शिल्पा, केवे होना मिलना महार शिमले आलिये, इन्हां बड़ियां जो तुड़का लाणा ओ ठेके दारनिये, पानी री टंकी सहित अन्य गीत पेश किए। इन गीतों पर दर्शक खूब झूमे।
हिमाचली गायिका गीता भारद्वाज ने भी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने मेरी झोपड़ी के भाग... राम आएंगे, कोई किसी की खातिर पत्ता-पत्ता, बूटा-बूटा, सिटी बजाय, नखरे दिखाए फिल्मी गीत के अलावा पहाड़ी गीत जलेबी खानी नाथू भाई री, ढोला गुज्हु रे रागे गीत पेश किए।
प्रसिद्ध गायक राजीव थापा ने तेरे बिन नहीं जीना मर जाना ढोलना, तेरी मेरी यूं टूट गई सोहनिए गीतों की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। इससे पहले रोजी शर्मा ने भी लाहुली गीतों पर दर्शकों को खूब झूमाया। पूर्ण चंद, दीपिका, लीलाधर, नंद लाल प्रेमी, योग राज, गौरी, रिंकू, हरीश, सागर, स्वेता, मोहित आदि कलाकारों ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया।
सांस्कृतिक संध्या में काजोल, कनिका ने नृत्य प्रस्तुत किया। जिला चंबा के उपमंडल पांगी के मिंधल माता कला मंच के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। पिछले कई वर्षों से पांगी घाटी के यह कलाकार अपनी पंगवाल संस्कृति को जिला वह प्रदेश स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार यह कला मंच कार्य कर रहा है। वीरवार को घाटी के इन कलाकारों ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरे में अपनी प्रस्तुति दी। सूत्रधार कलासंगम के कलाकारों ने भी परंपरागत संस्कृति की झलक पेश की।
पहली सांस्कृतिक संध्या के मुख्यातिथि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल थे। उनका दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं विधायक सुंदर सिंह ठाकुर और उपाध्यक्ष एवं उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने स्वागत किया। उन्हें स्मृति चिह्न और मफलर देकर सम्मानित किया गया।