मंडी में हिमाचल किसान सभा के राज्य प्रशिक्षण शिविर एवं सेमिनार में भाग लेते विभिन्न जिलो के प
मंडी। हिमाचल किसान सभा किसानों, बागवानों और भूमि प्रभावितों के हकों और सुविधाओं के लिए संघर्षरत है और हाल ही में इस संघर्ष के कारण ही प्रदेश सरकार किसानों के पक्ष में आई है। यह बात हिमाचल किसान सभा के पूर्व महासचिव डॉ. ओंकार शाद ने मंडी में तीन दिवसीय राज्य प्रशिक्षण शिविर एवं सेमिनार में कही। इस शिविर में प्रदेश के आठ जिलों से 70 प्रतिनिधि हिस्सा लेने आ रहे हैं। इस सेमिनार में हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में किसानों, बागवानों, भूमि तथा प्राकृतिक आपदा से जुड़े मुद्दों पर आगामी तीन दिन तक चर्चा की जाएगी।
प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान सभा की भूमिका के चलते किसान, बागवानों तथा भूमि प्रभावितों के मुद्दों पर सरकार की नीतियों को किसानों के पक्ष में करने में अहम भूमिका निभाई है। सेब, सब्जियों, दूध, जमीन के मुद्दे, भूमि अधिग्रहण, फोर लेन प्रभावितों के मुद्दों, प्राकृतिक आपदा, जंगली जानवरों से नुकसान आदि पर समय-समय पर हस्तक्षेप करते हुए किसानों को संगठित करने का काम किसान सभा ने किया है। मनरेगा की प्रभावी क्रियान्वयन, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक सेवाओं की मजबूती के लिए हमेशा संघर्षरत है। इस सेमिनार में अखिल भारतीय किसान सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कृष्ण प्रसाद, राज्य प्रधान डॉ. कुलदीप तंवर, राज्य सचिव होतम, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, कुशल भारद्वाज और जोगिंद्र वालिया आदि ने हिस्सा लिया।