मंडी। सुंदरनगर क्षेत्र के एक निजी शिक्षण संस्थान के हॉस्टल से गिरकर हुई छात्रा की मौत के मामले में पुलिस जांच से नाखुश परिजनों, ग्रामीणों और अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने मंडी शहर में रैली निकालकर विरोध-प्रदर्शन किया। परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। कहा कि बेटी ने आत्महत्या नहीं बल्कि साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है।
बालीचौकी तहसील के गुराण गांव की छात्रा सुंदरनगर में निजी शिक्षण संस्थान में घटना के 12 दिन पहले आई थी। वह पोस्ट बेसिक नर्सिंग में प्रथम वर्ष की छात्रा थी। 23 अक्तूबर की रात वह संदिग्ध परिस्थितियों में हॉस्टल की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई थी। रात को नेरचौक मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी।
तब परिजनों ने बेटी को बालकनी से गिराने की आशंका जताई थी। घटना के करीब 15 दिन बाद मामले में कोई कार्रवाई न होने पर शुक्रवार को पीड़ित पिता भगत सिंह और गांववासियों ने विरोध जताया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। करीब 2 घंटे प्रदर्शन करने के बाद निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाते हुए डीएसपी और एडीसी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की। कहा कि मामले की जांच सीबीआई और उच्च न्यायालय के जज से करवाने की मांग की।
परिजनों ने इन सवालों पर मांगे जवाब
23 अक्तूबर रात 2 बजे छात्रा छत पर क्यों गई और यह कैसे पाया कि वह कपड़े उठाने गई थी। इसका क्या प्रमाण है? रात को ही खबर कैसे हुई कि वह हॉस्टल की मंजिल से गिर गई है? बेटी के फोन में पैटर्न लगा था। बावजूद हॉस्टल की वार्डन ने घर पर फोन न करके अंजना की मामी को उसी के फोन से कॉल की। पैटर्न कैसे खोला। तीसरी मंजिल से गिरने के बाद अंजना के सिर में ही चोट आई, जबकि पूरे शरीर में कोई चोट नहीं थी। जब रिश्तेदार हॉस्टल गया तो छात्रा के कमरे में शराब की टूटी हुई बोतल और पर्स में सिगरेट की 28 डिब्बियां और एक लैटर का पैकेट मिला। यह साजिश है या कुछ और। मौत के समय पुलिस वहां पर पहुंची तो फिर उन्होंने कमरा क्यों नहीं सील किया।
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कॉलेज प्रशासन पर उठाए सवाल
परिजनों ने सवाल उठाए कि कॉलेज प्रशासन पर एफआईआर दर्ज करने में इतनी देरी क्यों हुई। उन्होंने मांग रखी कि जब तक खुलासा नहीं होता तब तक काॅलेज प्रशासन का कोई भी अधिकारी, कर्मचारी और हॉस्टल की वार्डन और लड़कियां कहीं नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आई है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने काॅलेज के मालिक, अधिकारी और वार्डन पर केस दर्ज करने की मांग रखी।
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