फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2017 में मंडी शहर में मिलेगा 24 घंटे पानी

Wed, 28 Dec 2016 10:15 PM IST
मंडी
विज्ञापन
मंडी शहर में बिछाई जा रही ऊहल पेयजल योजना की पाइप लाइन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
मंडी। छोटी काशी मंडी के बाशिंदों को अगली सर्दी में पानी के लिए सुबह चार बजे उठने की जल्दी नहीं रहेगी। वर्ष 2017 के अंत तक मंडी शहर की प्यास ऊहल नदी का पानी बुझाएगा। प्रदेश की सबसे बड़े बजट की ऊहल पेयजल परियोजना का काम वर्ष 2017 में लगभग पूरा हो जाएगा। प्रदेश में यह आईपीएच विभाग पहली ग्रेविटी संचालित पेयजल योजना बना रहा है। जिस पर 82 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। परियोजना से मंडी शहर के साथ आसपास के गांवों को भी जोड़ा गया है। जिन्हें भी 24 घंटे पानी उपलब्ध होगा। मंडी शहर के अलावा साथ लगते सन्याहरड़, नेला, चंडयाणा, छिपणू, बिजनी, तल्याहड़, बाड़ी, पंजेहटी, मडवाहन, और भ्यूली गांवों को भी ऊहल पेयजल परियोजना से जोड़ा जाएगा। परियोजना में ऐसी पाइपों का प्रयोग हो रहा है जो अंदर और बाहर दोनों ओर से जंग रोधक हैं।

इनसेट
ढांगसीधार और कांगनीधार में बनेंगे बड़े भंडारण टैंक
ऊहल पेयजल परियोजना के दो बड़े भंडारण टैंक बनाए जा रहे हैं। जिसमें एक कांगणीधार में लगभग 12 बीघा जमीन पर बनाया जाएगा, जिसमें साढे़ तीन लाख लीटर पानी के भंडारण की क्षमता होगी और दूसरा ढांगसीधार में 24 लाख 20 हजार लीटर पानी के भंडारण की क्षमता रहेगी। इसके अलावा 10 छोटे भंडारण टैंकों का निर्माण किया जाएगा।  
विज्ञापन


इनसेट
हर साल आईपीएच विभाग की होगी बिजली बचत
ऊहल पेयजल परियोजना से आईपीएच विभाग को साल में होने वाली बिजली के खर्च पर भी लगभग एक करोड़ 50 लाख रुपये की बचत होगी। यह फायदा परियोजना के ग्रेविटी संचालित होने के कारण मिलेगा। इसके अलावा इस परियोजना को सीवरेज व्यवस्था से भी जोड़ा जा रहा है।

इनसेट
द्रंग क्षेत्र के रियागड़ी गांव से आएगी पाइप लाइन
सूबे की सबसे बड़ी ऊहल पेयजल परियोजना का पानी द्रंग विधानसभा क्षेत्र के रियागड़ी गांव से पाइप के माध्यम से कांगणीधार और ढांगसीधार पहुंचाया जाएगा। जहां से शहर के विभिन्न वार्डों और गांवों को सप्लाई किया जाएगा। रियागड़ी गांव मंडी शहर से लगभग 17 किलोमीटर दूर है। जहां पर पाइप लाइन बिछाने का काम जोरों पर चला है। इसके अलावा मंडी शहर के अधिकतर क्षेत्र में परियोजना की मुख्य पाइप बिछाने का काम पूरा हो गया है। कुछ स्थानों पर आजकल मुख्य पाइप लाइन बिछाई जा रही है।

इनसेट
अभी ब्यास नदी बुझा रही मंडी की प्यास
वर्तमान समय में मंडी शहर के लोगों को ब्यास नदी से उठाऊ पेयजल योजना के माध्यम से पानी मुहैया करवाया जा रहा है। जो आईपीएच विभाग सुबह और शाम के समय दो बार सप्लाई करता है।

इनसेट
बरसात में प्राकृतिक स्रोत बनते हैं सहारा
मंडी शहर के प्राकृतिक स्रोत बरसात के मौसम में लोगों का सहारा बनते हैं। क्योंकि बरसात में ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण पानी लिफ्ट नहीं हो पाता है। जिसके कारण लोगों को चार-चार दिनों तक आईपीएच विभाग पानी मुहैया नहीं करवा पाता है।

इनसेट
53 हजार से ज्यादा लोगों को होगा लाभ
ऊहल पेयजल योजना से 2046 तक मंडी शहर सहित आसपास के 53155 लोगों को लाभ होगा। हालांकि वर्तमान में मंडी शहर की आबादी लगभग 28 हजार है। भविष्य में पानी का संकट शहर के लोगों को न हो, इस बात को ध्यान में रखकर योजना का निर्माण किया जा रहा है।

कोट्स
आईपीएच विभाग के अधिशाषी अभियंता राजकुमार सैणी ने कहा कि ऊहल पेयजल परियोजना का काम जोरों पर है। शहर में मुख्य पाइप लाइन बिछाने का काम अंतिम चरणों में है। इसके बाद परियोजना के भंडारण टैंकों को निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विभाग ने सितंबर 2017 पर परियोजना को शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
विज्ञापन


कोट्स
पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि ऊहल पेयजल परियोजना से मंडी शहर के लोगों को 24 घंटे पानी मिलेगा। इस योजना को 2017 में ही पूरा करने के लिए आईपीएच विभाग सहित अन्य विभाग हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें