एमसीएच मंडी में खुले नए पर्ची काउंटर पर लगी सूचना को पढ़ने के बाद मायूस लौटती महिला। संवाद
- फोटो : घायल शमीम उर्फ सलीम को लेकर जाती इंटेलिजेंस विंग की टीम।
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के प्रबंधन की ओर से एमसीएच (मातृ शिशु अस्पताल) में ट्रायल के तौर पर खोले गए पर्ची काउंटर पर सुबह 11:30 बजे के बाद रोगियों की पर्ची नहीं बन रही है। गर्भवती एवं अन्य महिला रोगियों को पर्ची बनवाने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल के पर्ची काउंटर पर जाना पड़ रहा है।
एमसीएच पर्ची काउंटर पर सूचना चिपका दी गई है। इसमें लिखा है कि सुबह 11:30 बजे तक ही पर्ची बनेगी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में रोजाना करीब 1500 की ओपीडी होती है। पर्ची काउंटर पर भारी भीड़ होने के चलते मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा था। आग्रह पर अस्पताल प्रबंधन ने सामान्य ओपीडी के बाहर ट्रायल के तौर एक अतिरिक्त पर्ची काउंटर खोला था।
एमसीएच में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सुविधा के लिए ट्रायल तौर पर नया पर्ची काउंटर खोला है, लेकिन यहां सुबह 11:30 बजे तक ही सुविधा मिल पा रही है। बरोट से पहुंची दया देवी, मीनाक्षी, चैलचौक से खिम्मी देवी, द्रंग के टांडू से बच्चे को लेकर पहुंचे ओमप्रकाश, टारना से मीरा देवी आदि ने बताया कि एमसीएच के नए पर्ची काउंटर पर सुबह 11:30 बजे के बाद पर्ची नहीं बन रही है। इससे दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल के पर्ची काउंटर पर जाकर पर्ची बनवानी पड़ रही है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि एमसीएच के पर्ची काउंटर पर दोपहर बाद तक पर्ची सुविधा मुहैया करवाई जाए।
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अस्पताल में स्टाफ की कमी के चलते पर्ची काउंटर पर समय निर्धारित किया है। वीरवार को एपीएमसी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया को भी अस्पताल में स्टाफ की कमी के बारे में अवगत करवाया है।
-डाॅ. धर्म सिंह वर्मा, एमएस क्षेत्रीय अस्पताल मंडी
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