धर्मपुर (मंडी)। सरकार ने लोगों के विरोध के बीच धर्मपुर विस क्षेत्र के धर्मपुर और संधोल को नगर पंचायत का दर्जा दे दिया है। बाकायदा अधिसूचना जारी कर प्रशासनिक अधिकारी भी नियुक्त कर दिया है। एसडीएम धर्मपुर को दोनों नगर पंचायतों का प्रशासनिक अधिकारी तैनात किया है। स्थानीय महिला मंडलों और जनता ने धर्मपुर में नगर पंचायत के विरोध में कई ज्ञापन भेजे थे।
धर्मपुर नगर पंचायत में धर्मपुर, बनवारकलां, कलस्वाई, बरडाना और छपाणु को शामिल किया गया है। भरौरी पंचायत से करोला, गलू, बरतो और खोली को शामिल किया गया है। ये चारों उपगांव छपाणु राजस्व मुहाल में आते है। नगर पंचायत संधोल में संधोल, कच्छाली, राना, दतवाड़ राजस्व गांव को शामिल किया गया है।
बता दें कि कुछ महिला मंडलों ने धर्मपुर पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा देने का खुलकर विरोध किया था और आपत्तियां दर्ज करवाई थी। धर्मपुर उपमंडल मुख्यालय है जबकि संधोल धर्मपुर उपमंडल मुख्यालय का दूसरा बड़ा कस्बा है। उधर, भाजपा नेता रजत ठाकुर ने कहा कि जनता की इच्छा के विरुद्ध नगर पंचायत गठन की अधिसूचना जारी हुई है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। मामला अदालत में ले जाया जाएगा।
उधर, इस संबंध में एसडीएम धर्मपुर जोगिंद्र पटियाल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने दोनों नगर पंचायतों के लिए प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किया है। आगामी आदेश मिलने के अनुसार कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा, अभी तक केवल नगर पंचायतों के प्रशासनिक अधिकारी का कार्यभार सौंपा गया है।
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यह होंगे फायदे
नगर पंचायत बनने से धर्मपुर क्षेत्र में सुनियोजित रूप से विकास कार्य होंगे। स्ट्रीट लाइट, कूड़ा कचरा प्रबंधन, बैठने की उचित सुविधा, फुटपाथ सुविधा समेत अन्य कई सुविधाएं नगर पंचायत के माध्यम सुनिश्चित की जाएंगी।
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यह होगा नुकसान
घर बनाने से पहले नक्शा पास करवाना होगा। नल और बिजली कनेक्शन के लिए नगर पंचायत का एनओसी लेना जरूरी होगा। ग्रामीण सुविधाएं खत्म होंगी। इसके अलावा छूट अवधि के बाद हाउस टैक्स देना होगा।
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