सुंदरनगर के नरेश चौक के पास वर्षा शालिका में लोगों से पूछताछ करती पुलिस टीम। संवाद
- फोटो : Mandi
सुंदरनगर (मंडी)। सलापड़ और कांगू में नशा माफिया एक कॉल पर शराब की होम डिलिवरी और ठेकों से सस्ता रेट देकर आकर्षित करते रहे हैं। अब खुलासा हो चुका है कि जो माफिया ने सस्ती दरों पर लोगों को शराब पिलाई है, वह नकली होने के साथ जहरीली भी है।
अगर सुंदरनगर में मौतें होने से खुलासा न होता तो माफिया लोगों को नकली शराब की सप्लाई कर अवैध धंधा करता रहता। शराब पीने से लोगों की तबीयत बिगड़ना आम बात होती है, क्योंकि कुछ लोग इसका अधिक मात्रा में सेवन करते हैं। उल्टी और जी मचलाना मामूली बात मानते हैं। इसके कारण अगर किसी की पहली मौतें भी हुई होगी तो इसे सामान्य मौत ही माना गया होगा। परिवार भी इस बात को छिपाते हैं कि उनके यहां जिसकी मौत हुई है वह शराब का अधिक सेवन करता है।
इसका उदाहरण सुंदरनगर के कांगू में भी देखने को मिला है। यहां नकली जहरीली शराब पीने के बाद रात को तबीयत बिगड़ने पर एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। परिवार के सदस्यों ने इस मौत को साधारण समझ कर अंतिम संस्कार की तैयारी कर दी थी। जब पता चला कि उसने रात को देसी शराब का सेवन किया था जिसके कारण तबीयत खराब होने से मौत हुई है। इसके बाद उन्होंने इस बारे में पुलिस को सूचना दी। उनके पोस्टमार्टम में भी जहरीली शराब के सेवन ही मौत को कारण बताया गया।
ऐसे में सवाल है कि सैकड़ों लोग माफिया के शिकंजे में फंसे हुए हैं। अब यह भी खुलासा हो चुका है कि माफिया नकली शराब ही परोसता था फिर भी लोग इनकी जानकारी पुलिस से साझा नहीं करते थे। ऐसे में अगर लोग ही सहयोग नहीं करेंगे तो नकली शराब बेचने से इनकी चांदी होती रहेगी और लोग अपनी जान से हाथ धोते रहेंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉ. देवेंद्र शर्मा का कहना है कि शराब पीने से तबीयत खराब होने की बात लोग उपचार के लिए पहुंचने पर छिपाते हैं जो उनके लिए घातक साबित होती है। अगर लोगों को स्वस्थ जीवन जीना है तो नशे की लत छोड़ना होगा।