पधर/थुनाग (मंडी)। चौहारघाटी की ग्राम पंचायत खलैहल में भारी ओलावृष्टि से किसानों की नकदी फसलों को भारी क्षति पहुंची है। ओलावृष्टि से पल भर में किसानों के खेतों ने सफेद चादर ओढ़ ली। ओलावृष्टि ने किसानों के खेतों में नकदी फसलों के पौधे जड़ से ही नष्ट कर दिए हैं।
खलैहल पंचायत के गांव मयोट की कुफरी सारंग धार में किसानों की लगभग 400 बीघा भूमि में नकदी फसलों को नुकसान हुआ है। पंचायत के उप प्रधान एवं भारतीय किसान संघ विकास खंड द्रंग के अध्यक्ष देश राज ने राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों से मौका पर जाकर नुकसान का जायजा लेने और किसानों के नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। किसानों होशियार सिंह, पम्मी देवी, चंद्रमणि, संजय कुमार, ज्ञान चंद, दिनेश कुमार, वार्ड पंच फूला देवी, कृष्णा देवी ने बताया कि उनका ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन से मांग की जाती है कि किसानों के नुकसान का जायजा लिया जाए।
वहीं, बुधवार दोपहर बाद बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली है। वहीं, निचले क्षेत्रों में किसानों और बागवानों के लिए बारिश फसलों को संजीवनी लेकर आई है। ऊपरी क्षेत्रों भारी ओलावृष्टि से किसानों की नकदी पैदावार प्रभावित हुई है। ओलावृष्टि से खासकर सराज विधानसभा क्षेत्र के बागाचनोगी, कल्हणी, भाटकीधार, देयोल, सराउगी, शिबाखड, ध्वास, शिल्हीबागी में नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि के चलते क्षेत्र में मक्की, सेब, राजमाह, फूलगोभी, बंद गोभी, फ्रासबीन सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, नायब तहसीलदार बागाचनोगी विनोद कुमार ने बताया कि क्षेत्र में ओलावृष्टि के चलते किसान और बागवानों का काफी नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
सराज घाटी के किसानों में कमल देव, हेमराज, रमेश कुमार, दलीप सिंह, पेशकर, कृष्ण कुमार, देवराज, हरि सिंह, रोशन लाल, कन्हैया लाल, रामेश्वर, पवन कुमार, धनीराम, किशोर कुमार, राम सिंह, केशव राम और लुदरमणि ने कहा कि बुधवार शाम को ओलावृष्टि ने पूरी फसल को तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि विभाग नुकसान का जायजा ले और उनके नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।