जिले के चार अस्पतालों में 95 बेड आइसोलेशन के लिए चिन्हित, पर्याप्त उपकरण उपलब्ध
वैश्विक महामारी मंकी पॉक्स पर जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में मंगलवार मंकी पॉक्स महामारी से निपटने की तैयारियों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में कहा गया कि वैश्विक महामारी एमपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से चौकस है और किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। बैठक में सभी विभागों से तालमेल बनाकर इसका सामना करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग मंकी पॉक्स बीमारी को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। विभाग की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 67, जोनल अस्पताल में 20, सिविल अस्पताल सुंदरनगर में दो और करसोग में 6 आइसोलेशन बेड चिह्नित किए गए हैं। अन्य उपकरण भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. अरिंदम राय ने बताया कि यह बीमारी संक्रमित बंदरों, गिलहरी, चूहों आदि से स्वस्थ आदमी में आती है। इसके लक्षण उभरने में पांच से 21 दिन तक लग सकते हैं। इनमें त्वचा पर दाग, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, जुकाम आदि हो सकते हैं। यह बीमारी संक्रामक है और बीमार व्यक्ति के निकट संपर्क से, त्वचा से त्वचा का संपर्क होने, उसके बर्तन, तौलिया, बिस्तर साझा करने पर फैलती है। इसके लक्षण कुछ-कुछ चिकन पॉक्स और मीजल से मिलते हैं। समय पर निदान होने पर इसके सैंपल लेकर प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं ताकि समय पर उपचार हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंंद्र भारद्वाज ने बीमारी से निपटने को लेकर किए गए प्रबंधों की जानकारी दी। बैठक में एमएस डॉ. धर्म सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर और अन्य मौजूद रहे।
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हैंड हेल्ड एक्स रे मशीन लांच, दूरदराज क्षेत्रों कहीं भी ले जा सकेंगे
उपायुक्त ने एक हैंड हेल्ड एक्स रे मशीन भी लांच की। जिला मंडी द्वारा क्षय रोग निवारण में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रदेश के एकमात्र जिला मंडी को यह मशीन प्राप्त हुई है। यह मशीन जिला क्षय रोग निवारण समिति (जिला टीबी फोरम) के माध्यम से प्राप्त एक पोर्टेबल एक्सरे मशीन है। जिसे दूरदराज क्षेत्रों में कहीं भी ले जाया जा सकता है। यह चंद मिनट में ही एक्सरे करने के उपरांत परिणाम देती है। इस मशीन की कीमत लगभग 40 लाख रुपये है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि चिकित्सीय जांच के दौरान अगर एक्सरे करने की आवश्यकता है तो दूरदराज क्षेत्र में ही एक्सरे लिया जा सकेगा।