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बेहतरीन प्रोजेक्ट्स को स्टार्टअप बनाने के लिए मिलेगा 10 लाख तक का फंड : राजेश धर्माणी

Sat, 17 Oct 2026 12:58 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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जेएनजीईसी सुंदरनगर में स्मार्ट हैकाथॉन, पहली बार विजेता टीमों के साथ सभी प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। विद्यार्थियों के नवाचारों को स्टार्टअप में बदलने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग 10 लाख रुपये तक का इनोवेशन फंड उपलब्ध करवाएगा। तकनीकी शिक्षा, आवास एवं नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने जवाहरलाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (जेएनजीईसी) सुंदरनगर में आयोजित तीसरे राज्य स्तरीय स्मार्ट हैकाथॉन-2026 के दौरान यह घोषणा की।
मंत्री ने विद्यार्थियों के तकनीकी प्रोजेक्ट देखे और उनके नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हैकाथॉन विद्यार्थियों को तकनीकी सोच के जरिये समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान तलाशने का अवसर दे रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करना है।
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उन्होंने बताया कि व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं वाले प्रोजेक्ट का विशेषज्ञों से मूल्यांकन करवाया जाएगा। उपयुक्त पाए जाने वाले प्रोजेक्ट को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने के लिए आर्थिक सहायता देने की योजना है। कार्यक्रम में सुंदरनगर के पूर्व विधायक एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर, शिक्षा निदेशक रोहित ठाकुर, जेएनजीईसी के निदेशक-सह-प्राचार्य प्रो. राजीव खंडूजा, बहुतकनीकी महाविद्यालय सुंदरनगर के प्रधानाचार्य नीरज उप्पल, समन्वयक डॉ. मृदुल शर्मा, डॉ. निताशा बिष्ट और डॉ. दिनेश भाटिया मौजूद रहे।
विजेता टीमों को मिलेंगे नकद पुरस्कार
मंत्री ने प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम के लिए 20 हजार, द्वितीय स्थान के लिए 16 हजार और तृतीय स्थान के लिए 12 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की। अन्य प्रतिभागी टीमों को चार-चार हजार रुपये दिए जाएंगे। पिछले संस्करणों में नकद पुरस्कार का प्रावधान नहीं था।
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16 टीमों ने पेश किए तकनीकी समाधान
हैकाथॉन में प्रदेश के विभिन्न इंजीनियरिंग महाविद्यालयों की 16 टीमों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और पहाड़ी क्षेत्रों में संपर्क सुविधा से जुड़े तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।
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