शहर के पुरानी मंडी में शुक्रवार रात को माता महाकाली मंदिर और माता चतुर्भुजा मंदिर में वार्षिक जाग (होम) का आयोजन किया गया। जिसमें माता का आशीर्वाद लेने और देव शक्ति को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा है। जाग होम में माता के गुरों ने दहकते हुए अंगारों पर नृत्य कर देव शक्ति का प्रदर्शित किया। हाईकोर्ट के आदेशों किसी भी प्रकार की कोई पशु बलि नहीं दी गई। जाग होम में आधी रात तक देव आस्था का सैलाब उमड़ा रहा।
जाग में देवी देवताओं के रथ और देवलु के साथ वाद्य यंत्रों की धुनों पर मंदिर में पहुंचे। ढोल नगाड़ों की गूंज से पुरानी मंडी देव आस्था में डूब गई। पुरानी मंडी के चतुर्भुजा मंदिर और माता महाकाली मंदिर में भक्तों की भीड़ देर शाम से ही लगनी शुरू हो गई। चतुर्भुजा मंदिर में लोक गायकों ने माता की भेंटों से भक्तिमय माहौल बनाया।
लोग सारी रात माता की भेंटों पर झूमते रहे। रात दस बजे चतुर्भुजा मंदिर से देव रथों के साथ मशाल जलाकर पुरानी मंडी की परिक्रमा की गई। जिसमें माता श्यामाकाली बिजणी और देव घटौणी पंडोह के रथ शामिल थे। रात बारह बजे मंदिर में पूजा अर्चना के बाद अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। जिसके उपरांत माता के गूर ने दहकते हुए अंगारों पर कूद कर नृत्य किया। जाग होम में माता महाकाली, माता चामुंडा देवी और शीतला माता ने शिरकत की। देव शक्ति को देखने के लिए लोगों को खासी भीड़ उमड़ी रही। महाकाली मंदिर कमेटी के प्रधान रवि शर्मा ने बताया कि हर साल माता का वार्षिक होम जाग मनाया जाता है। जाग होम में माता का आशीर्वाद लेने के लिए लोगों की काफी भीड़ उमड़ी हुई थी।