संयुक्त संघर्ष समिति (किसान सभा एवं व्यापार मंडल) भौर, डडौर, कनैड एवं नौलखा की बैठक व्यापार मंडल विजय ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें चारों गांवों के लोगों ने भाग लिया। संघर्ष समिति ने पिछले चार वर्षों के लंबे संघर्ष के कारण नौलखा से डडौर के बीच 29 मीटर फोरलेन की अधिसूचना होने पर खुशी जताई है। बैठक में हाईकोर्ट के 9 मार्च 2015 के फैसले अनुसार नेशनल हाइवे प्राधिकरण को उचित सर्विस रोड देने बारे निर्देश दिए थे।
संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष जोगिंद्र वालिया ने बताया कि फैसला लिया गया कि भूमि मुआवजा व मकानों के क्षतिपूर्ण मूल्यांकन किए बगैर और मुआवजे के बिना फोरलेन का काम शुरू किया गया तो समिति नौलखा से डडौर तक काम नहीं होने देगी। जब तक आम लोगों के 29 मीटर के दायरे में आने वाली जमीन, मकानों व दुकानदारों का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता।
राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के नवनियुक्त परियोजना निदेशक ले. कर्नल योगेश चंद्रा से संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष जोगिंद्र वालिया की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल मिला। इसमें समिति ने आग्रह किया कि नौलखा से डडौर के बीच जमीन अधिग्रहण मुआवजा, मकानों का उचित मुआवजा, सड़क के कारण उजड़ रहे दुकानदारों को उचित राहत व मुआवजा, गांवों को जोड़ने वाले लिंक मार्गों पर पैदल पथ मार्ग बनाए जाए। जल्द ही निशानदेही और उचित मुआवजा के लिए सड़क प्राधिकरण को भेजने का आग्रह किया गया था। उन्होंने कहा कि इस पर जल्दी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान जोगिंद्र वालिया, गुरिया राम नायक, भूपेंद्र वालिया, कमलेश ठाकुर, प्रभुराम, निक्का राम चौधरी, योगेंद्र वालिया, नारायण सिंह चौधरी, प्रेम सिंह ठाकुर, सुरेश ठाकुर, जितेंद्र वर्मा, उपेंद्र ठाकुर, हेमप्रभ, हेमराज वालिया, विजय ठाकुर, विजय अबरोल, राजू राम, कासिमदीन, अमर सिंह, राम लाल नायक, लीलाधर, दलाल सिंह, दया राम, किशोरी नायक, चमन चौधरी, मंगतराम चौहान आदि मौजूद थे।