बरोट (मंडी)। बरोट-घटासनी मुख्य सड़क पर बरधान के साथ डिवनू थानग के पास हुए हादसे ने धमच्यान गांव में शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। धमच्यान गांव में खेम सिंह की बेटी की शादी के बाद सभी रिश्ते में भाई बरात के साथ उसके ससुराल गए थे। खुशी-खुशी बहन को ससुराल में छोड़ा और शनिवार रात करीब नौ बजे धमच्यान के लिए लौटे। मगर पांच भाई घर नहीं पहुंच सके।
नई नवेली दुल्हन बहन से मिलकर कर्म सिंह (33), सागर (15), गुलाब सिंह (33) तीनों निवासी धमच्यान और गंगा राम (27) निवासी बजोट और मठी बजगाण का राजेश कुमार (23) कार में सवार होकर खुशी-खुशी घर लौट रहे थे। इसी दौरान डिवनू थानग के पास रात करीब 11ः00 बजे हादसे का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि युवकों के शव कार से काफी इधर-उधर पड़े थे, जिससे आशंका जताई जा रही है कि गंभीर अवस्था में वह इधर-उधर जाने की कोशिश कर रहे थे। मगर उनकी कोशिश नाकाम रहीं और तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
रविवार सुबह जब लोगों ने खेतों में हादसाग्रस्त कार देखी तो घटना का पता चला। जब हादसे के सूचना दुल्हन के ससुराल और मायके में पहुंची तो धमच्यान के साथ ही लोहारड़ी में भी मातम छा गया। बताया जा रहा है कि कार को राजेश चला रहा था। मृतकों में सागर 10वीं कक्षा में पढ़ता था। इसके अलावा अन्य मेहनत मजदूरी करते थे।
उधर, युवकों की मौत के समाचार के बाद इलाके में किसी ने भी खाना नहीं गया। इलाके में प्रथा है कि जब तक दाह संस्कार नहीं हो जाता तब तक सभी रिश्तेदार और परिवार के लोग भूखे रहते हैं। वहीं, लाडलों को खोने की खबर के बाद उनकी माताएं बेसुध हो गईं। दुल्हा पक्ष के घर में नई नवेली दुल्हन के पहुंचने के उपरांत जो खुशियां मनानी थी वह भी कार हादसे के मातम में बदल गई।
200 मीटर के दायरे में पहले भी हो चुकी हैं तीन घटनाएं
धमच्यान पंचायत के पूर्व प्रधान मंगल सिंह और प्रधान कली राम ने कहा कि जिस जगह हादसा हुआ है, वहां सड़क पर पैरापिट नहीं हैं। अगर पैरापिट होते तो शायद यह हादसा नहीं होता। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर कई खतरनाक प्वाइंट हैं, लेकिन कहीं भी पैरापिट नहीं लगे हैं। बरधान के प्रधान अनिल और सीता राम ने कहा कि घटनास्थल के 200 मीटर के दायरे में पहले भी तीन घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली।
हादसे की समय पर मिलती जानकारी तो बच सकती थी किसी की जान
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हादसे के बाद पांचों युवकों के शव रविवार दोपहर बाद नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में पोस्टमार्टम के लिए लाए गए। साथ पहुंचे नजदीकी रिश्तेदारों और परिजनों ने बताया कि हादसे की जानकारी अगर देर रात को ही मिल जाती तो शायद किसी की एक जान बच जाती। रोशन कुमार, लक्की, कृष्ण, राम सिंह, बली ने बताया कि देर रात 9ः00 बजे पांचों धमच्यान के लिए निकले थे। रात करीब 11ः00 बजे कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। शरीर में गहरी चोटें आने के बाद जब समय पर उपचार नहीं मिल पाया तो घायलों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। उधर, डीएसपी पधर देवराज ने बताया कि कार हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम जब घटना स्थल में पहुंची तो मृतकों के शव भी कार के अलावा आसपास पड़े हुए थे जिन्हें मौके पर मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत कर सड़क में पहुंचाया। इसके उपरांत पोस्टमार्टम की औपचारिकताओं को पुलिस की निगरानी में किया गया।