मंडी छतरी बस के चलती बस के डुघल के पास खुले पिछले दो टायर। स्त्रोत- जागरूक पाठक
यात्रियों से भरी निगम की बस बीच सड़क रुकी, चैल-जंजैहली मार्ग पर तीन घंटे जाम
यात्रियों का आरोप -लंबी दूरी के रूटों पर आज भी पुरानी और खटारा बसें दौड़ाई जा रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। मंडी-छतरी रूट पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की खस्ताहाल बस ने बुधवार को यात्रियों की सांसें अटका दीं। यात्रियों से भरी बस के चलते-चलते अचानक टायर खुल गए। गनीमत रही कि बस अनियंत्रित नहीं हुई और बड़ा हादसा होने से टल गया। अचानक बस रुकने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना ने निगम की बसों की फिटनेस और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बस के बीच सड़क में खड़े हो जाने से चैल-जंजैहली मार्ग पर डुघल के पास करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में फंसे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बस को सड़क से हटाने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। घटना के बाद स्थानीय लोगों में निगम प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश है। लोगों का कहना है कि लंबी दूरी के महत्वपूर्ण रूटों पर आज भी पुरानी और खटारा बसें दौड़ाई जा रही हैं। यात्रियों से पूरा किराया लेने के बावजूद उन्हें सुरक्षित और बेहतर परिवहन सुविधा नहीं मिल रही है। लोगों ने मांग उठाई है कि मंडी-छतरी सहित लंबे रूटों पर पुरानी बसों को तत्काल हटाकर नई बसें चलाई जाएं।
डुघल निवासी कुशाल सिंह, हंसराज, तुलसी राम, तिलकराज, रमेश कुमार, जोगी और निखिल आदि ने कहा कि बसों की तकनीकी जांच और फिटनेस में लापरवाही किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है। निगम को हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते बसों की जांच कर सुरक्षित बसें ही सड़कों पर उतारनी चाहिए।
वहीं, निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पीयूष शर्मा ने कहा कि निगम की बसों की फिटनेस जांच के बाद ही उन्हें रूट पर भेजा जाता है। सड़क पर चलती बस में तकनीकी खराबी आने के कारण उसके टायर खुल गए थे। बस को ठीक कर दिया गया है।