मंडी। यूक्रेन और रूस के बीच लगातार गहारते युद्ध संकट के चलते डीजल-पेट्रोल के दाम में उछाल की आशंका ने जनता को परेशानी में डाल दिया है। पेट्रोल पंपों में भीड़ लगना शुरू हो गई है। लोग अपने चौपहिया और दोपहिया वाहनों की टंकी फुल करवा रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की मांग बढ़ गई है। बुधवार को मंडी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में यह नजारा देखने को मिला।
नेरचौक के गुटकर और सुंदरनगर के हराबाग स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप में तेल का स्टाक खत्म हो गया। दोनों स्टेशन पर उपभोक्ताओं बैरंग लौटकर दूसरे पेट्रोल पंप जाना पड़ रहा है। हालांकि देर शाम इन पंपों में पेट्रोल की सप्लाई आ गई। दूसरी ओर मंडी शहर के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों पर तेल भरवाने के लिए वाहन चालकों की भीड़ जुटी रही। लोगों का कहना था कि तेल कीमतों में बढ़ोतरी बारे अभी घोषणा नहीं हुई है। तेल का स्टॉक कम होने की आशंका जताई जा रही है। इसलिए गाड़ियों की टंकियां फुल करवाई जा रही हैं।
खाद्य आपूर्ति नियंत्रक लक्ष्मण सिंह कनेट का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। जिला में रिलायंस को छोड़कर सरकारी क्षेत्र के करीब 56 पेट्रोल पंप है।
--बुधवार को मंडी में यह रहे दाम--
डीजल 79.94
पेट्रोल 94.94
- प्रदेश सहित अन्य राज्यों में तेल कीमतों में बढ़ोतरी की चर्चा हो रही है। इसलिए कार की टंकिंया फुल करवा ली है ताकि तेल कमी होने पर समस्या न रहे और थोड़े पैसे भी बचें।
गीतानंद, निवासी जनेड सदर
- यूक्रेन और रूस की लड़ाई के बाद तेल कीमतें बढ़ने की आशंका है। टंकी फुल करवा ली है। रोज दस से पंद्रह किमी स्कूटर चलाता हूं। जब तक तेल की कीमतें नहीं बढ़ती तब तक रोज तेल की टंकी फुल करवाता रहूंगा।
बलदेव सिंह, मराथु सदर
- रिलांयस पंप पर तेल न होने और बाहरी राज्यों में चुनावी परिणाम घोषित होने के बाद तेल कीमतों में बढ़ोतरी होने सकती है। इसे देखते ही ट्रक की टंकी फुल कर ली है।
हीरा सिंह, पंजाई
- एक सप्ताह से तेल कीमतों में बढ़ोतरी और तेल कमी की चर्चा हो रही है। तेल निर्यात देशों में यूक्रेन व रूस युद्घ के बाद तेल बंदी की आशंका के चलते लोग अभी से पेट्रोल और डीजल का स्टॉक कर रहे हैं।
मनोज, ऑटो चालक
- एक माह में करीब पांच हजार रुपये का तेल लग जाता है। महीने में दो बार टंकी फुल करवानी पड़ती है। तेल कीमतों में बढ़ोतरी की चर्चा होने पर हमने भी कार की टंकी फुल करवा ली है।
भूपेंद्र कुमार, बटाहण
- हर रोज बस की टंकी फुल करवानी पड़ती है, ताकि तेल की कमी से बस कहीं बंद न हो जाए। तेल कीमतों में बढ़ोतरी परेशान करने वाली है। बड़ी मुश्किल से तेल की कीमत कम हुई थी।
कमलजीत, बस चालक