मंडी। चौहारघाटी के 18 हजार किसान-बागवान परिवारों के लिए अच्छी खबर है। क्षेत्र के किसानों और बागवानों को कृषि उत्पाद बेचने के लिए मीलों का सफर तय नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही चौहारघाटी के टिक्कन में 10 बीघा जमीन पर कृषि उपज एवं विपणन समिति सब्जी मंडी का निर्माण करेगी। इसके लिए एपीएमसी मंडी ने टिक्कन में साइट चिन्हित कर ली है।
चौहारघाटी में बहुतायत में नकदी फसलें उगाई जाती हैं। जिससे यहां पर हर साल सब्जियों और फलों का करोड़ों का कारोबार होता है। क्षेत्र में आलू, टमाटर, मटर, लहुसन के साथ मौसमी और गैर मौसमी सब्जियां काफी मात्रा में उगाई जाती हैं। सब्जी मंडी नहीं होने के चलते किसानों और बागवानों को कृषि उत्पाद बेचने के लिए मंडी, जोगिंद्रनगर और कांगड़ा की सब्जी मंडियों का रुख करना पड़ता था। लेकिन, अब मीलों के सफर का झंझट खत्म हो गया है।
जल्द ही किसान टिक्कन में कृषि उत्पादों को बेच पाएंगे। दस बीघा भूमि पर बनने वाले इस सब्जी मंडी भवन में नीलामी मंच, किसान पार्किंग, दुकानें, कैंटीन, किसान भवन, ग्रेडिंग और पैकिंग के कमरों का निर्माण किया जाएगा। कृषि उपज एवं विपणन समिति मंडी ने क्षेत्र के 22 व्यापारियों को इस क्षेत्र में व्यापार करने के लिए लाइसेंस भी जारी कर दिए हैं। साइट चिन्हित करने के बाद अब एपीएमसी मंडी एफआरए एक्ट 2006 के तहत वन विभाग को भूमि की क्लीयरेंस के प्रपोजल भेजेगा।
एसडीएम की अगुवाई में किया दौरा
एसडीएम पधर एचआर बैरवा की अगुवाई में एपीएमसी मंडी के पदाधिकारियों ने साइट चिहिन्त करने के सिलसिले में टिक्कन का दौरा किया। इस दौरान एपीएमसी मंडी के सचिव प्रकाश कश्यप, गौतम राम कानूनगो, राजेंद्र सिंह प्रधान आढ़ती एसोसिएशन और एपीएमसी के कर्मचारी सुरेश अवस्थी, हरि सिंह, राजेश जोशी, मनीष कुमार, ग्राम पंचायत धम्यार के उपप्रधान नरेश कुमार, लटरान पंचायत के उपप्रधान बीर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कोट्स
टिक्कन में सब्जी मंडी के निर्माण के लिए साइट चिहिन्त की गई है। दस बीघा जमीन पर सब्जी मंडी टिक्कन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग को एफआरए एक्ट के तहत भूमि पर निर्माण के लिए क्लीयरेंस का प्रपोजल तैयार करके भेजा जाएगा।
प्रकाश कश्यप सचिव एपीएमसी मंडी।