गोल्ड मेडलिस्ट अंकिता।स्त्रोत: जागरूक पाठक
सुंदरनगर(मंडी)। किसान की बेटी अंकिता ने सिविल इंजीनियरिंग (बीटेक) में प्रवेश ही नहीं पाया बल्कि डिप्लोमा में भी वह प्रदेश स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहीं। कनैड के किसान जयराम की बेटी को बीते दिनों विश्वकर्मा दिवस पर तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की ओर से सुंदरनगर में आयोजित समारोह में मंत्री राजेश धर्माणी ने गोल्ड मेडल पहनाया।
बहुतकनीकी कॉलेज सुंदरनगर के प्राचार्य नीरज उप्पल ने अंकिता और उसके माता-पिता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि अंकिता भविष्य में और भी ऊंचाइयां प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। एक किसान परिवार में जन्मी अंकिता के लिए इस उपलब्धि तक पहुंचना कठिन था मगर लग्न और हौसले से उसने इंजीनियरिंग डिप्लोमा में टॉपर बनाया।
बारहवीं तक कई उपलब्धियां अंकिता ने हासिल कीं। फिर सुंदरनगर बहुतकनीकी कॉलेज से 2024 में सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा टॉपर के तौर पर हासिल किया। अंकिता के पिता उस समय भावुक हो गए, जब प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के समक्ष उन्होंने अपनी बेटी को सम्मानित होते हुए देखा। जयराम ने बताया कि वह उम्मीद नहीं कर पा रहे थे कि बेटी इस मुकाम तक पहुंच कर अपने पिता का नाम रोशन करेगी। अब अंकिता जेएनजीईसी कॉलेज से बीटेक कर रही हैं।
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गोल्ड मेडलिस्ट अंकिता ने बताया कि उसे तभी खुशी होगी, जब वह सिविल इंजीनियरिंग बीटेक में फिर से परचम लहराएगी। उसने कहा कि वह सिविल इंजीनियरिंग में स्पेस टेक्नोलॉजी में महारत हासिल कर रोड एंड बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन को मजबूत और ईको फ्रेंडली बनाने पर शोध करेंगी। उसने लड़कियों के लिए यही संदेश दिया है कि खुली आंखों से ही जीवन के सपने सच होते हैं।
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