जोनल अस्पताल मंडी की ईएनटी ओपीडी पर लटक रहा ताला। संवाद
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में ईएनटी विशेषज्ञ अवकाश पर होने से मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है। मजबूरी में मरीजों को निजी क्लिनिकों और अस्पतालों में जाकर महंगा उपचार लेना पड़ रहा है। रोजाना नाक, कान और गले के रोगों के मरीज ओपीडी में पहुंच कर दरवाजे पर ताला व दीवार पर लगी चिकित्सक के अवकाश की सूचना देख कर बेरंग घर लौट रहे हैं।
आजकल मौसम बदलाव के चलते नाक, गला और कान के मरीजों में बढ़ौतरी हुई है। ऐसे में अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ के न होने से मरीजों का मर्ज और ज्यादा बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों को झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से उपचार की आस में मरीज सुबह जल्दी अपने घरों से चल कर क्षेत्रीय अस्पताल में पहुंच रहे हैं। यहां पर्ची बनाने के लिए कतार में लगने पर जब उन्हें बताया जाता है कि ईएनटी चिकित्सक अवकाश पर हैं। ऐसे में सामान्य ओपीडी में ही चेकअप करवाना होगा। इससे मायूस होकर मरीजों को नेरचौक मेडिकल कॉलेज या निजी क्लीनिक का सहारा लेना पड़ रहा है।
उधर, अस्पताल के एमएस डॉ. धर्म सिंह वर्मा ने कहा कि अस्पताल में ईएनटी के एकमात्र विशेषज्ञ 10 दिन के अवकाश पर हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों को सामान्य ओपीडी में ही उपचार दिया जा रहा है।
कान में तेज दर्द होने के कारण रात भर सो नहीं पाई। सुबह जल्दी घर से निकल का 10ः00 बजे अस्पताल पहुंची, लेकिन यहां ईएनटी ओपीडी के दरवाजे पर ताला लटका मिला। दीवार पर चिपकाए पोस्टर में ईएनटी विशेषज्ञ की छुट्टी की जानकारी दी गई है। अब निजी अस्पताल में उपचार लेना पड़ेगा।
-कांता देवी, थुनाग।
घर का काम करते समय लकड़ी की कड़ी से नाक में चोट आई है। उपचार के लिए मंडी अस्पताल आए थे। पर्ची बनाते समय कर्मचारी ने बताया कि ईएनटी चिकित्सक अवकाश पर हैं। फिर भी सामान्य ओपीडी में दिखाया है, जहां चिकित्सक ने एक्स-रे लिखा है। विशेषज्ञ होते तो अच्छा होता।
-रमेश चंद, गोखड़ा