मंडी। जिला के प्रारंभिक सरकारी स्कूलों में बिना आधार नंबर पढ़ रहे बच्चों का आधार अब घर द्वार बनाया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। विभाग ने सभी खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (बीपीईओ) को पत्र जारी कर उनके अधीन आने वाले स्कूलों में बिना आधार वाले बच्चों का डाटा तलब किया है।
जिला के दुर्गम स्कूलों में बिना आधार नंबर पढ़ रहे बच्चों का सही आंकड़ा सामने आने के बाद विभाग कार्रवाई अमल पर लाएगा। जिसके तहत दुर्गम क्षेत्रों में आधार बनाने के लिए टीमें भेजी जाएंगी। दुर्गम क्षेत्रों से आधार बनाने के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचना मुश्किल है। वहीं, जागरूकता के अभाव में भी अनपढ़ लोग आधार को महत्व नहीं दे रहे हैं। शिक्षा विभाग ने आधार को अनिवार्य किया है।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने पत्र जारी कर सभी बीपीईओ को दो दिनों में बिना आधार वाले बच्चों का डाटा भेजने के निर्देश जारी किए हैं। स्कूल प्रबंधन को संबंधित बीपीईओ के माध्यम से उक्त डाटा भेजना होगा। जिसमें स्कूलवाइज बिना आधार वाले बच्चों के नाम और उनकी संख्या बतानी होगी। उक्त डाटा को उपनिदेशक मंडी द्वारा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय भेजा जाएगा। जिन स्कूलों में बिना आधार वाले बच्चों की संख्या अधिक है, वहां निदेशक की ओर से आधार बनाने वाली कंपनी की टीमें भेजी जाएंगी। कलस्टर बनाकर तीन-चार स्कूलों के लिए केंद्र स्थापित किया जाएगा। जिससे हर बच्चा आधार के साथ जुड़ सके।