सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 पर दर्ज करवाई शिकायत
न तो बैठने के लिए बेंच हैं, न पेयजल व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। नागरिक अस्पताल सरकाघाट में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को खुद इलाज की जरूरत है। बुधवार को अस्पताल की ओपीडी से मनोचिकित्सक को छोड़कर अन्य डॉक्टर ओपीडी में नहीं मिले। इससे सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए आए मरीजों को इमरजेंसी वॉर्ड के बाहर घंटों इंतजार करना पड़ा। अस्पताल की इस बदहाली को लेकर स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों में रोष है।
अस्पताल की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद भारद्वाज ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि अस्पताल में खाली पड़े डॉक्टरों और स्टाफ के पदों को तुरंत भरा जाए। भारद्वाज ने अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) की खस्ता स्थिति पर एतराज जताते हुए कहा कि पोस्टमार्टम के लिए आने वाले मृतकों के परिजनों, रिश्तेदारों और पुलिस कर्मचारियों को घंटों खुले में खड़ा रहना पड़ता है। यहां न तो बैठने के लिए बेंच हैं, न पेयजल व्यवस्था है और न ही बिजली का कोई इंतजाम है। अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता के खिलाफ उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज करवाकर तुरंत व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
हिमाचल दिव्यांग कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष हरिदास कौशल, अल्पसंख्यक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रधान अमी चंद, प्रदेश उपाध्यक्ष एनसी भारद्वाज, कोषाध्यक्ष प्रताप सिंह, अति देवी और मदन मोहन आदि ने मांगों का समर्थन करते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग को मांगों को जल्द अमलीजामा पहनाने आग्रह किया है। उधर, एसएमओ डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि चुनाव के चलते कुछ डाॅक्टर अपने क्षेत्रों को वोट डालने अवकाश पर गए। अस्पताल में सभी डाॅॅक्टरों की तैनाती है। मरीजों का चेकअप रूटीन में जारी है।