बड़ा देव कमरूनाग के वर्तमान गूर और एक पूर्व गूर का परता असफल होने के बाद अब तीसरे गूर के रूप में पूर्व गूर धर्मदत्त ने मंगलवार को कांढी कमरूनाग में किसानों के समक्ष देव कमरूनाग को धूप जलाकर बारिश की गुहार लगाई। धर्मदत्त गूर की कुर्सी गत वर्ष बारिश नहीं होने की वजह से छिन ली गई थी। जिनके बाद लीलमणी को कमरूनाग देवता का गूर बनाया गया था।
अब फिर लीलमणी गूर का परता फेल होने पर पूर्व गूर हेतराम का भी परता फेल होने पर मंगलवार को देवता के पूर्व गूर धर्मदत्त ने देवता से अरदास करके परता मांगा है। अब देखना यह है कि बुधवार सुबह तक बारिश होती है या नहीं। अगर परता सफल होता है तो वर्तमान गूर नीलमणी की कुर्सी जा सकती है और फिर से धर्मदत्त कमरूनाग देवता के गूर बन सकते हैं।
धर्मदत्त के धूप जलाने के बाद आसमान में बादल छा गए हैं तथा लोगों में बारिश होने की उम्मीद जग गई है। अगर मंगलवार रात हल्की बूंदाबांदी होती है तो धर्मदत्त को कमरूनाग देवता के गूर का ताज मिल सकता है। सूखे से परेशान किसानों ने कमरूनाग देवता के कांढी कमरूनाग स्थित निवास स्थल पर बारिश को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है बारिश न हुई तो बारी बारी से देवता के गूर और पूर्व गूरों की परीक्षा का दौर चलता रहेगा।
सूखे से जूझ रही गंदम और सेब के बगीचों में होनी वाली पैदावार पर संकट दिखाई देने लगा है। फसलों की रक्षा के लिए किसानों बागवानों ने देवताओं की शरण ले ली है। कमरूनाग देवता से बारिश मांगने के लिए रविवार को वर्तमान गूर लीलमणी और बालाकामेश्वर के गूर मनोहर ने धूप देकर परता मांगा था, लेकिन वे असफल रहे। सोमवार को पूर्व गूर हेतराम ने धूप जलाया और परता मांगा। जिसके बाद मंगलवार सुबह तक बारिश न होने से परता फेल हो गया। मंगलवार को पूर्व गूर धर्मदत्त से किसानों ने धूप दिलवाया और परता मांगा है।
नाचन फ्रूट ग्रोवर एसोसिएशन के उप प्रधान प्रेम सिंह ठाकुर ने कहा है कि किसानों की मांग पर कमरूनाग के गूरों को बारिश बरसानी पड़ेगी तब तक किसान धरने से बाज नहीं आएंगे। देव कमरूनाग के कटवाल रणजीत सिंह ठाकुर ने कहा है कि देवता के गूर और पूर्व गूर धूप दे रहे हैं तथा देवता के कारदार भी देवता को खुश करने के लिए अरदास लगाए बैठे हैं।