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कोका तेरा कुछ-कुछ कहंदा... से जमाया रंग

Mon, 04 Apr 2016 11:48 PM IST
अमर उजाला, जोगिंद्रनगर (मंडी)
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जोगिंद्रनगर देव मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या सूफी गायक लखविंद्र बडाली के नाम रही। लखविंद्र बडाली ने जो यार रुस जांदे ने, तां नचना पैंदा है..., चंदा चढ़ा लो बाबे दे दरवार..., ये इश्क नहीं आसान..., गौरी नाल इश्क लड़ा..., कोका तेरा कुछ-कुछ कहंदा..., हाय नी तेरा कमाल... गाने गाए।
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इससे पहले प्रदेश के विभिन्न जिलों व स्थानीय कलाकारों ने दर्शकों का मनोरंजन किया। एडीएम विवेक चंदेल ने बतौर मुख्य अतिथि दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
जोगिंद्रनगर देव मेले की चौथी संध्या में शहनाई वादक सूरजमणी ने मंगल स्वर ध्वनि से संध्या का आगाज किया। लोक गायक सुरेश व हिमानी तनवर ने पहाड़ी व हिंदी गीतों पर दर्शकों को नाचने पर मजबूर किया। इसके बाद जोगिंद्रनगर के युवा कलाकार विजय ने कौखे चाली निमा डोलमा सांझ की बेला... पेश किया। एसडी रैप ग्रुप के सोहन ने पंजाबी और हिंदी में रैप गायकी का प्रदर्शन किया। बलजीत ने किशोर दा की याद को ताजा करते हुए प्यार दिवाना होता है मस्ताना होता है..., अंशुल ने नीली-नीली अखिए काजलू लाए... व कोखे चली नीमा डोलमा... नाटियों की शानदार प्रस्तुति दी।
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 लोक गायक सुभाष राणा ने देव पशाकोटा रहंदा बरोटा री धारा हील स्टेशना..., कैसा लागा गोरिए पहाड़ा दा बसणा... और कोल डैम इथि लगया जानी मेरिए... की प्रस्तुति से वाहवाही लूटी। कलाकार राज कुमार ने मुहम्मद रफी के गीत तुझको पुकारे मेरा प्यार..., श्री राम कला मंच की गायिका गुड़िया ने आज की रात होना है जो... पर धमाल मचाया। रवि ने इतना तो याद है मुझे के उनसे मुलाकात हुई। मोनिका ने सैले-पिले रंगा दे बिच मुखड़ा फूल गुलाबा..., संगीत सदन मंडी के सर्वज्ञ द्वारा तू जो छू ले प्यार से... और अन्य कलाकारों द्वारा कथक नृत्य की प्रस्तुति दी।
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