नौ और चार मील में पहाड़ी से मलबा आने पर बिंद्रावणी और आर्मी ट्रांजिट कैंप में रोका यातायात
जोगिंद्रनगर में जल भराव से थमी वाहनों की रफ्तार, जिलेभर में 10 सड़कें बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी/जोगिंद्रनगर (मंडी)। किरतपुर-मनाली फोरलेन एनएच 21 सोमवार सुबह 4:30 बजे नौ मील अचानक मलबा आ गया। इसकी चपेट में एक ट्रक आ गया। हालांकि चालक बाल-बाल बच गया, लेकिन ट्रक मलबे में ही फंस गया। इसे बाद में मशीनरी के जरिये निकाला गया।
इसी तरह छह मील में भी पहाड़ी मलबा आने से दोनों जगह कुल चार घंटे एनएच ठप रहा। इस पर पुलिस ने यातायात दोनों तरफ से रोका रखे। मंडी की तरफ से बिंद्रावणी और पंडोह की तरफ से आमी ट्रांजिट कैंप के पास यातायात रोक दिया गया। इस दौरान सैकड़ाें वाहन फंसे रहे। वहीं, जोगिंद्रनगर में तेज बारिश से जलभराव की समस्या रही। जिलेभर में सोमवार शाम 3:00 बजे की रिपोर्ट के अनुसार कुल 10 सड़कें बंद रहीं। 24 घंटे जिलेभर में 93 लाख रुपये का नुकसान रिपोर्ट हुआ है। मंडी-पठानकोट हाईवे पर जल भराव से वाहनों की रफ्तार थमने लगी है। कीचड़नुमा सड़कों पर सफर करना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। जोगिंद्रनगर मुख्य बाजार की सड़कों में जलभराव से पैदल चलने वालों को परेशानी हुई।
जिले में सोमवार 3:00 बजे की रिपोर्ट के अनुसार बंद 10 सड़कों में सरकाघाट डिवीजन की दो, धर्मपुर की छह, नेरचौक की एक और सराज की एक सड़क शामिल है, जबकि अन्य सभी सुविधाएं सुचारू चल रही हैं। बरसात में अब तक कुल 197 करोड़ रुपये का नुकसान का आंकलन प्रशासन ने किया है। बता दें कि मंडी जिले में मंडी से पंडोह के बीच सफर जोखिमपूर्ण हो गया है। यहां बारिश के बाद मिट्टी काफी ढीली हो गई है और हल्की बारिश के बाद मलबा सड़क पर पहुंच रहा है। इसी को देखते हुए सप्ताह में दो दिन दो घंटे के लिए इस बैच में पहाड़ी पर लटकी खतरनाक चट्टानों को हटाने का कार्य भी चल रहा है।
उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर चंद्र ने बताया कि सोमवार सुबह के समय एनएच 21 बंद हो गया था। जिसे मशीनरी के माध्यम से बहाल किया गया है। यात्री भूस्खलन की किसी भी तरह की आशंका होने पर आगे न बढ़ें और सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़ा कर दें। वहीं, उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि नुकसान की लगातार रिपोर्ट ली जा रही है। मंडी से पंडोह के बीच सफर को सुगम बनाने के लिए कार्य जारी है।