आईटी को तकनीकी सहयोग देने वालों का 30 जून को समाप्त हो चुका है अनुबंध
अभी भी दे रहे हैं सेवाएं, लेकिन नहीं लग रही हाजिरी, हरियाणा की तर्ज पर पॉलिसी बनाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पंडोह (मंडी)। हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्राॅनिक्स कारपोरेशन के माध्यम से सरकार और प्रशासन को आईटी में सहयोग देने के लिए आउटसोर्स पर रखे 24 कर्मचारियों के रोजगार पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। इन सभी का आउटसोर्स का अनुबंध 30 जून को समाप्त हो गया। 24 लोगों में 11 असिस्टेंट प्रोग्रामर, 8 कंसल्टेंट और 5 डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं।
ये सभी कर्मचारी प्रदेश मुख्यालय और जिला मुख्यालयों पर सरकार और प्रशासन को आईटी की स्पोर्ट मुहैया करवाते हैं। इन सभी को वर्ष 2017 में केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत तैनात किया गया था। बाद में यह प्रोजेक्ट बंद हो जाने से हिमाचल सरकार ने इन्हें इलेक्ट्राॅनिक्स कारपोरेशन के माध्यम से आउटसोर्स पर तैनात कर दिया। अब 30 जून को इनका कांट्रेक्ट समाप्त हो गया है। इसके बाद भी ये सभी कार्यालयों में जाकर अपनी सेवाएं तो दे रहे हैं, लेकिन इनकी हाजिरी नहीं लग रही है।
सभी 24 लोग चार जुलाई को आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के बैनर तले शिमला में सीएम सुक्खू से मिलकर अपनी बात रखेंगे। आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ जिला मंडी के अध्यक्ष यदोपति चौहान ने बताया कि ईमेल के माध्यम से अपना ज्ञापन मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों को भेजा है, लेकिन उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यदि उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं तो इससे सरकार और प्रशासन को आईटी को लेकर सहयोग नहीं मिल पाएगा और कार्य प्रभावित होंगे। वहीं, इनके रोजगार पर भी संकट मंडरा गया है। हरियाणा में एक वर्ष पहले इस विषय पर पॉलिसी बना दी गई है। प्रदेश सरकार उनके लिए भी पॉलिसी बनाए, यही उनकी मांग है। जब तक सरकार पॉलिसी नहीं बनाती है, तब तक सेवाओं को जारी रखा जाए।