धर्मपुर (मंडी)। जालंधर-मंडी-अटारी वाया धर्मपुर-कोटली एनएच 3 का निर्माण कार्य लगातार सुर्खियाें में है। पाड़च्छू से सिंहन तक का कार्य कर रही बीआरएन कंपनी के लौंगणी स्थित दफ्तर व मेन गेट पर भुगतान न होने पर गुस्साए ठेकेदारों ने ताला जड़ दिया है। ठेकेदारों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की देनदारी कंपनी के पास लंबित है और कंपनी प्रबंधन भुगतान में आनाकानी कर रहा है। रोज नए बहाने लगाकर लौटाया जा रहा है। ठेकेदारों ने चेताया है कि भुगतान न होने तक ताला नहीं खोलेंगे।
ठेकेदारों ने पहले दफ्तर में कार्य रहे कर्मचारियों को बाहर निकाला, फिर वहां ताले जड़ दिए। भुगतान के लिए रोज चक्कर काट रहे ठेकेदार वीरी सिंह, मनोहर लाल, बलवीर सिंह, जितेंद्र कुमार, अरुण वर्मा, दीक्षित पठानिया, कृष्ण चंद, शक्ति सिंह, अनिल कुमार, धीरज कुमार ने कहा कि कंपनी प्रबंधन काफी समय से भुगतान करने में आनाकानी कर रहा है। हर बार जल्द भुगतान का आश्वासन दिया जा रहा है और भुगतान किया नहीं जा रहा है। इस कारण मुश्किलें पेश आ रही हैं। लेबर समेत कई चीजों का भुगतान उन्हें करना है लेकिन बिना धनराशि उनके हाथ भी खड़े हो गए हैं। कंपनी की कार्यप्रणाली व कार्य भी संदेह के घेरे में है। कंपनी की ओर से सड़क कटाई के बाद निकला मलबा भी नालों पर ही फेंका है।
उधर, कंपनी के अकाउंटेंट प्रकाश चौधरी ने बताया कि ठेकेदारों की देनदारी लंबित है। इसकी प्रक्रिया जारी है। दीपावली से पहले सभी ठेकेदारों की लंबित राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।