मंडी। मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम 350 रुपये दिहाड़ी दिलाने के लिए सीटू से संबंधित यूनियनें अब कड़ा संघर्ष करेंगी। इसके लिए जून और जुलाई में जन अभियान शुरू किया जाएगा और खंड स्तर पर धरने दिए जाएंगे। यह निर्णय सीटू से संबंधित यूनियनों के जिला सम्मेलन में लिया गया।
यह सम्मेलन मजदूर दिवस पर मंडी में हुआ। इसमें विभिन्न नेताओं ने अपने-अपने विचार रखे। कहा कि मजदूरों को वर्तमान में मात्र 203 रुपये ही दिहाड़ी दी जा रही है। इससे मनरेगा मजदूर स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। मजदूरों को निर्धारित 120 दिनों का काम भी नहीं मिल रहा है। पिछले चार महीनों का मेहनताना भी नहीं मिला है। सीटू नेता गुरदास वर्मा, राजेंद्र सिंह और करतार सिंह चौहान ने कहा कि अपना हक लेने के लिए सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।
सम्मेलन का उद्घाटन राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 27 लाख मनरेगा मजदूर हैं। ये सरकार की अपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। सम्मेलन में प्रस्ताव पारित किया गया कि मनरेगा में कार्य दिवसों की संख्या 200 की जाए। सम्मेलन में नई जिला कमेटी का भी चुनाव किया गया। इसमें निहरी से संबंध रखने वाले गुरदास वर्मा को जिला का अध्यक्ष बनाया गया। सदर खंड से गोपेंद्र शर्मा को महासचिव तथा बल्ह से नरेश कुमार को कोषाध्यक्ष चुना गया।
इसके अलावा जिला परिषद सदस्य रविकांत को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा 20 सदस्यीय जिला कमेटी का भी चयन किया गया है। इसमें विजय कुमार, सोहन सिंह लता देवी, सावित्री, दया, बंसी, सत्या, माया, मान सिंह, मुरारी लाल, प्यारे लाल, दिनेश, मनोज, लता, बीना, नर्वदा, मीना, रीता, निर्मला, शांता, मंजू, पूजा, लीला मणी, गुलशन और वेद राम को सदस्य चुना गया। संवाद