मंडी में अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्र महोत्सव की अंतिम जलेब का नजारा लेते लोग। संवाद
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मंडी। छोटी काशी मंडी में सप्ताहभर देवी-देवताओं की चहल पहल रही। चौहटा बाजार में विराजने और अंतिम शाही जलेब में शिरकत करने के बाद सभी देवी-देवता अपने मूल स्थानों के लिए रवाना हो गए हैं। अधिकतर देवी-देवता अपने भक्तों के घरों मेहमानवाजी के बाद ही आगे जाएंगे। छोटी काशी देवी-देवताओं के जाने के बाद अब सूनी नजर आने लगी है।
स्थानीय निवासी हेमंत राज वैद्य, तीर्थ राज और जीत राम ठाकुर सहित अन्यों ने बताया कि वर्ष में छोटी काशी का यह सबसे बड़ा महोत्सव है। देवी-देवताओं के लौटने से अब वे मायूस महसूस कर रहे हैं। इस बार प्रशासन की तरफ से सराहनीय बंदोबस्त किए गए थे। इस बार महाशिवरात्रि का भव्य नजारा देखने को मिला।
उधर, सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने बताया कि इस बार महोत्सव के लिए 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया था, जिसमें 192 देवी-देवताओं ने शिरकत की।
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अब अगली महाशिवरात्रि के इंतजार में रहेगी छोटी काशी
छोटी काशी का देव समागम अब इसी उम्मीद के साथ संपन्न हो गया है कि अगले वर्ष फिर से महाशिवरात्रि का त्योहार आएगा और इस महोत्सव का फिर से आयोजन होगा। छोटी काशी में एक बार फिर देव धुनें गूंजेंगी और माहौल पूरी तरह से भक्तिमयी होगा। इसी आशा के साथ लोगों ने अपने अराध्य देवी-देवताओं को भावुक विदाई दी है।
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