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Mandi News: रेलगाड़ियां दौड़ते ही पटरी पर लौटा कारोबार

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जोगिंद्रनगर (मंडी)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर ऐतिहासिक रेल लाइन पर रेलगाड़ियाें की आवाजाही शुरू होते ही कारोबार पटरी पर लौट आया है। आम लोगों के लिए रेलगाड़ी संजीवनी साबित हुई है। सेना के जवानों को घर पहुंचने में राहत मिली है। वहीं, रेलगाड़ियों के माध्यम से कारोबारियों का सामान सस्ती दरों पर पहुंचा। हजारों रेल यात्रियों ने रोमांच का सफर पूरा किया।
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11 अक्तूबर यानी पहले शरद नवरात्र को पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक चार रेलगाड़ियां पटरी पर दौड़ना शुरू हुई थीं, जिसमें अब यात्री रोमांच का सफर पूरा कर रहे हैं। जोगिंद्रनगर से बैजनाथ पपरोला और पठानकोट तक रेललाइन से सटे 30 से अधिक ठहराव में बैजनाथ शिव मंदिर, पालमपुर, कांगड़ा मंदिर और ज्वालामुखी रोड से सटे ऐतिहासिक मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। इससे रेलवे विभाग को आमदनी हुई है।
सोमवार को व्यापार मंडल जोगिंद्रनगर के अध्यक्ष भास्कर गुप्ता ने बताया कि शरद नवरात्र में पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक रेलगाड़ियों की आवाजाही शुरू होते ही कारोबारियों का सामान पहुंचना शुरू हुआ। आम लोगों और सेना के जवानों के लिए रेलगाड़ी फिर संजीवनी साबित हुई है।
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70 रुपये में पूरा हो रहा 164 किलोमीटर का सफर

जोगिंद्रनगर से पठानकोट तक 70 रुपये में 164 किलोमीटर सफर पूरा हो रहा है। इसके अलावा बैजनाथ मंदिर और पालमपुर तक 30, चामुंडा मार्ग के 35 और कांगड़ा मंदिर के 40 रुपये, जबकि ज्वालामुखी के 45 रुपये किराया रेलवे विभाग ने निर्धारित किया। परिवहन निगम की बसों में तो पठानकोट तक 392 रुपये और कांगड़ा तक करीब 180 रुपये किराया चुकाना पड़ रहा है। वहीं, जोगिंद्रनगर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक विनोद चौधरी, बैजनाथ पपरोला के स्टेशन अधीक्षक राजेश भारद्वाज ने बताया कि शरद नवरात्र में रेलगाड़ियों में यात्रियों का सफर सुहाना रहा।
एक साथ चार रेलगाड़ियों की आवाजाही से कारोबारियों को राहत मिलने के साथ ही आम लोगों के सस्ते सफर के लिए रेल सेवा संजीवनी साबित हुई है। -विपन सूद, कारोबारी
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शरद नवरात्र में ऐतिहासिक मंदिरों से होकर गुजर रहीं रेलगाड़ियों से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली है। -जगजीत सिंह, श्रद्धालु।
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