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Mandi News: ज्यूणी घाटी में आलू की बंपर पैदावार 2500 रुपये क्विंटल मिल रहा भाव

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खेतों में ही फसल खरीद रहे व्यापारी, ढुलाई का खर्च बचने से किसानों को दोहरी राहत
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मृगेंद्र पाल
गोहर (मंडी)। महीनों खेतों में पसीना बहाने के बाद ज्यूणी घाटी के किसानों की मेहनत रंग ला रही है। इस बार आलू की अच्छी पैदावार और बाजार में बेहतर दाम मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। घाटी में आलू 2200 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। खास बात यह है कि व्यापारी खेतों में पहुंचकर ही फसल खरीद रहे हैं। इससे किसानों को उपज मंडी तक पहुंचाने की मशक्कत और ढुलाई के खर्च से राहत मिल रही है।
इन दिनों घाटी के खेतों में आलू की खोदाई जोरों पर है। किसान परिवार सहित फसल निकालने, छंटाई करने और बोरियों में भरने में जुटे हैं। पहाड़ी क्षेत्र में खेती की चुनौतियों और मौसम की अनिश्चितता के बीच अच्छी फसल मिलने से किसानों की उम्मीदें बढ़ी हैं।
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देवीदड़ के किसान युवराज, यादव ठाकुर, संजीव, नोता राम, दिनेश, यशपाल, प्रेम सिंह, ढमेश्वर दत्त और सुमन ठाकुर ने बताया कि आलू की बुवाई से लेकर फसल तैयार करने तक कई महीनों की मेहनत लगती है। अब अच्छी पैदावार और बेहतर दाम मिलने से उन्हें राहत मिली है।
कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ गोहर गगनदीप के अनुसार घाटी में 230 हेक्टेयर भूमि पर आलू की खेती की गई है। इससे औसतन 29,700 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में उत्पादन में थोड़ी कमी दर्ज की गई है। विभाग किसानों को फसल की देखभाल और कीट-रोगों से बचाव के बारे में जानकारी देता है।
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चंद्रमुखी और कुफरी ज्योति की खूब हो रही पैदावार
ज्यूणी घाटी में चंद्रमुखी और कुफरी ज्योति किस्मों के आलू की खेती प्रमुखता से की जाती है। यहां तोखर, चुआली, देविदड़, लोट, मुराहला, धार सुरांढी, काहूली और धीस्ती जाछ सहित कई गांवों में आलू का उत्पादन होता है। किसानों के अनुसार औसतन करीब 125 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन मिल रहा है।
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दिल्ली से जम्मू तक पहुंचता है आलू
घाटी के आलू की मांग हिमाचल के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, जालंधर, पठानकोट, जम्मू, जयपुर और उत्तर प्रदेश के बाजारों में भी है। चैलचौक सब्जी मंडी के व्यापारी प्रेम सिंह ने बताया कि गुणवत्ता के कारण बाहरी राज्यों में यहां के आलू की मांग बनी रहती है।
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