जोगिंद्रनगर में टीसीपी नियमों के खिलाफ भवन के निर्माण पर नहीं मिलेगा बिजली-पानी का कनेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नगर परिषद जोगिंद्रनगर में टीसीपी नियमों के खिलाफ भवन का निर्माण करने वाले मालिकों को बिजली पानी सुविधा से महरूम होना पड़ सकता है। भवन निर्माण के दौरान किसी को भी शहरी क्षेत्र के नदी-नालों में मलबा फेंकने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। शहरी क्षेत्र में मलबा डंप करने के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं। जिला प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद भवन मालिक मलबा डंप कर सकेंगे।
शहरी विकास विभाग के नए आदेशों के तहत शहरी क्षेत्र में टीसीपी नियमों के खिलाफ भवन निर्माण की अनुमति जारी करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। वार्डों में नए भवन के निर्माण के दौरान भवन मालिकों को वन प्लस थ्री मंजिल निर्माण के दौरान फ्रंट में दो मीटर जगह और आसपास डेढ़-डेढ़ मीटर भूमि खाली रखने का प्रावधान किया गया है। इन सभी औपचारिकताओं को पूरा करने वाले भवन मालिकों को ही भवन के निर्माण की अनुमति नगर परिषद की ओर से मिलेगी। शहरी क्षेत्र में अब तक हुए दो हजार से अधिक भवनों के निर्माण के बाद नए भवन मालिकों को टीसीपी एक्ट के तहत ही अनुमति प्रदान की जा रही है।
नप के कार्यकारी अधिकारी आदित्य चौहान ने मानव निर्मित आपदा पर रोक लगाने के लिए शहरवासियों को टीसीपी एक्ट के तहत भवनों के निर्माण करने का आग्रह किया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो। बताया कि पार्षदों की मासिक बैठक में नियमों के तहत भवन निर्माण करने पर वार्डवासियों को प्रोत्साहित करने पर चर्चा की जाएगी।