मंडी। जिले में शराब के ठेकों की नीलामी करवाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। 388 शराब के ठेकों के लिए सात चरणों में हुई नीलामी प्रक्रिया में 255 ही 113.45 करोड़ रुपये में नीलाम हो पाए हैं।
133 शराब के ठेके अभी तक नहीं बिके हैं। इनका आरक्षित मूल्य 73.32 करोड़ रुपये है। बुधवार को हुई तीसरे चरण की नीलामी प्रकिया में तीन यूनिटों की नीलामी प्रकिया पूरी की गई। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डाॅ. मदन कुमार ने बताया कि बुधवार को गुटकर, औट-बालीचौकी और सुकेत-2 यूनिट की नीलामी की गई।
तीनों यूनिटें 0.86 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 16.50 करोड़ रुपये में नीलाम हुईं। तीन यूनिटों में 36 ठेके शामिल हैं। इनमें गुटकर यूनिट 7.65 करोड़, औट-बालीचौकी 5.91 करोड़ तथा सुकेत-2 यूनिट 2.94 करोड़ में नीलाम हुई। कुल 19 यूनिट में अभी तक 15 ही नीलाम हो पाई हैं। पहले चरण में नौ यूनिटों की 178 दुकानें नीलाम हुई थीं।
इनमें मंडी-पंडोह यूनिट 9.85 करोड़, सुंदरनगर टाउन 10.83 करोड़, जरोल 8.99 करोड़, चैलचौक 13.54 करोड़, चुराग 9.85 करोड़, पधर-बरोट 6.6 करोड़, चौंतरा-भरोल 6.9 करोड़, चोलथरा-संधोल 8 करोड़ और एहजु खलियार एल-20बी 2.77 लाख रुपये में नीलाम हुई। दूसरे चरण में नगवाईं-कमांद यूनिट 6.36 करोड़ में, धर्मपुर यूनिट 3.51 करोड़ और बरोटी यूनिट 3.51 करोड़ रुपये में नीलाम हुई हैं। जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस बार ठेकों की नीलामी के लिए 185 करोड़ रुपये का आधार मूल्य रखा गया है।
उसमें से 255 शराब के ठेके 113.45 करोड़ में नीलाम हो चुके हैं। बुधवार को सातवें चरण की नीलामी प्रक्रिया जिला परिषद सभागार में जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की ओर से पूरी की गई। नीलामी प्रक्रिया के दौरान राज्य आबकारी एवं कराधान उपायुक्त मंडी वरुण कटोच, संयुक्त आयुक्त मध्य जोन मंडी विवेक महाजन और उपायुक्त, राज्य कर एवं आबकारी सिरमौर हिमांशु भी मौजूद रहे। संवाद