मंडी। केंद्र सरकार की ओर से लागू किए चार नए श्रम कोड के विरोध में वीरवार को मजदूर और किसान संगठनों के राष्ट्रीय आह्वान पर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया गया। रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हिमाचल प्रदेश मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर और सीटू के जिला सचिव राजेश शर्मा ने कहा कि चार श्रम कोड पूरी तरह से मजदूर विरोधी हैं। इन्हें तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। मजदूरों को 30,000 न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिए। आंगनबाड़ी, मिड-डे मील और अन्य योजना कर्मियों को नियमित करके उन्हें सरकारी कर्मचारी की सुविधा दी जाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर मांगों को नहीं माना गया तो फिर आने वाले समय में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
विरोध प्रदर्शन में अस्थायी कर्मियों ने उपस्थिति दर्ज करवाकर अपनी मांग भी सरकार के समक्ष रखी। इसमें ग्रेच्युटी का लागू और मनरेगा को बहाल करने, सार्वजनिक क्षेत्र का विनिवेश बंद, सार्वजनिक सेवाओं का व्यापारीकरण और निजीकरण बंद किया जाए शामिल है। इसके अलावा आउटसोर्स, ठेका, कैजुअल, सेवा मित्र, मल्टी टास्क मजदूरों के लिए नियमित रोजगार के लिए नीति बनाने की मांग भी उठाई। वहीं, मजदूरों की 12 घंटे की ड्यूटी, फिक्स टर्म रोजगार व महिलाओं को रात्रि शिफ्ट ड्यूटी के आदेश वापस लेने की मांग उठाई। स्मार्ट मीटर योजना और बिजली बोर्ड का निजीकरण बंद करने की भी मांग की। 102 और 108 कर्मियों को नियमित करने की मांग उठाई गई।
इस अवसर पर सीटू जिला महासचिव राजेश शर्मा, रेहड़ी-फड़ी प्रधान सुरेंद्र कुमार, एसबीआई आउटसोर्स वर्कर जयवंती, 102 और 108 यूनियन जिला प्रधान सुमित, मिड-डे मील से जय चंद, एटक से ललित, इंटक से वाईपी कपूर, नौजवान सभा राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल, महिला समिति प्रधान वीना वैद्य, गोपेंद्र, प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
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