सुंदरनगर के महादेव में बलिदानी देवी सिंह की पत्नी व पुत्रवधु को सम्मान प्रमाण पत्र भेंट करते स
सुंदरनगर (मंडी)। वर्ष 1984 में सियाचिन में पाकिस्तान सेना के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन मेघदूत में तीन जुलाई 1985 को बलिदान हुए सुंदरनगर उपमंडल के महादेव निवासी सिपाही देवी राम को सेना ने सम्मान देकर नवाजा है। ऑपरेशन मेघदूत में बलिदान देने वालों के सम्मान में सियाचिन में वार मेमोरियल बनाने के साथ ही सभी बलिदानियों के परिवारों को उनकी देश सेवा को दर्शाते प्रमाणपत्र भी प्रदान किए हैं।
शुक्रवार को 102 इन्फेंट्री ब्रिगेड से हवलदार के चिंचियाह और हवलदार एसएस जाधव ने घर पहुंचकर बलिदानी सिपाही देवी राम की पत्नी कमला देवी और पुत्रवधू सरोज को सम्मान पत्र सौंपा। बलिदानी देवी राम के पुत्र हरीराम ने बताया कि उनके पिता 1983 में सेना में भर्ती हुए थे। डोगरा रेजिमेंट सेंटर फैजाबाद में कड़े प्रशिक्षण के बाद उन्होंने 4-डोगरा में उनकी पोस्टिंग हुई थी।
1984 में पाकिस्तान ने सियाचिन युद्ध छेड़ दिया। इसके जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन मेघदूत शुरू कर पाकिस्तान को चारों खाने चित्त कर दिया। ऑपरेशन मेघदूत में पाकिस्तानियों के छक्के छुड़ाते सिपाही देवी राम ने तीन जुलाई 1985 को अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। इससे पहले 1999 में कारगिल युद्ध में विजय के बाद भी सेना द्वारा उन्हें मरणोपरांत प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया था।