बालीचौकी (मंडी)। विकास खंड बालीचौकी की पंचायत मुराह की एक महिला ने मनरेगा कार्य में लगे मजदूरों की चार दिनों की हाजिरी में कटौती कर एक व्यक्ति की 10 फर्जी हाजिरी लगाने का आरोप लगाया है। एक महिला ने इस संबंध में एसडीएम बालीचौकी को शिकायत भी दी है। अब एसडीएम ने बीडीओ को जांच निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता रूमा देवी के अनुसार ग्राम पंचायत मुराह में खेमराज के घर भूमि सुधार का कार्य चला हुआ था। ऐसे में सभी मनरेगा मजदूरों ने अपने 14-14 दिन लगाए। मगर जब उनको 14 दिन के बजाय 10 दिनों की ही मजदूरी का भुगतान किया गया। मजदूरों ने जब ऑनलाइन माध्यम से अपने मस्टररोल की जांच की उसमें उन्हें चार-चार दिन गैर-हाजिर दर्शाया गया था।
शिकायतकर्ता रूमा देवी का कहना है कि उनका कार्य उनके पति खेम राज के नाम से मनरेगा के तहत करवाया गया था। इसमें आठ मजदूरों ने 14 दिनों तक काम किया। मगर मस्टररोल में उनके चार-चार दिन गैरहाजिर बताए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक मजदूर जो काम पर नहीं आया था, उसको मस्टररोल में 10 दिन हाजिर करार दिया है। ऑफलाइन और ऑनलाइन मस्टररोल में अलग-अलग उपस्थिति दर्शायी गई है। उधर, बीडीओ बालीचौकी अनिल गुराला ने बताया कि मुराह में एक कार्य को लेकर उन्हें शिकायत मिली है। मामले की गहनता से जांच की जाएगी।