मातृ-शिशु अस्पताल मंडी में गायनी ओपीडी के बाहर उमड़ी मरीजों की भीड़
केवल एक चिकित्सक के सहारे रही ओपीडी, दूसरे चिकित्सक ने ओटी में दी सेवाएं
भीड़ के चलते बेरंग लौटीं कई महिलाएं, फर्श में बैठकर करतीं रही बारी का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मातृ-शिशु अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते महिलाओं को चेकअप करवाने के लिए सोमवार को तीन से चार घंटे का इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में भारी भीड़ होने के कारण महिलाएं फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करती रहीं, जबकि कई महिलाएं भीड़ देखकर ही बेरंग लौट गईं।
दरअसल मातृ शिशु अस्पताल की गायनी ओपीडी में सोमवार को केवल एक ही डॉक्टर मौजूद रहा, जबकि एक अन्य डॉक्टर ने ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में सेवाएं दीं। एक अन्य चिकित्सक मातृत्व अवकाश पर हैं। ऐसे में यहां एक ही डॉक्टर सहारे ओपीडी चली। भीड़ अधिक होने के कारण कई मरीजों को चेकअप के लिए घंटों फर्श में बैठकर इंतजार करना पड़ा। गायनी ओपीडी रोजाना औसतन 400 महिलाएं चेकअप करवाने पहुंचती हैं।
उधर, क्षेत्रीय अस्पताल में सोमवार होने के चलते सुबह से ही पर्ची काउंटर पर लंबी कतारें लगी रहीं। इसके बाद ऑथों, नेत्र जांच, एक्स-रे, सर्जिकल आदि सभी ओपीडी के बाहर लोगों की भीड़ देखी गई।
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केस स्टडी
- सुबह 9:00 बजे से ओपीडी के बाहर कतार में खड़े हैं, लेकिन 12:00 बजे तक बारी नहीं आई है। एक मात्र चिकित्सक होने से असुविधा हो रही है। विभाग को चाहिए कि मातृ-शिशु अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाई जाए।
केसरी देवी, निवासी धनियारी कोटली
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- गर्भावस्था के चलते सुबह से कतार में खड़े हैं। यहां पर्ची पर नंबर के आधार पर चिकित्सक की ओर से जांच की जा रही है। दूरदराज के लोगों को इससे ज्यादा परेशानी हो रही है। क्योंकि पूरा दिन तो अस्पताल में ही बीत रहा है। अगर डॉक्टर टेस्ट लिखे तो दोबारा अस्पताल आना पड़ेगा। शासन और प्रशासन अधिक डॉक्टरों की तैनाती करे।
प्रोमिला देवी, निवासी बागी कटौला सदर
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- अस्पताल में तीन चिकित्सक तैनात थे, लेकिन एक चिकित्सक मातृत्व अवकाश पर है। केवल दो चिकित्सक ही अभी सेवाएं दे रहे हैं। एक डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर में व्यस्त थे। इस कारण असुविधा हुई है। एक अन्य चिकित्सक ने पढ़ाई के लिए अवकाश मांगा है। इस मामले को विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है।
-डाॅ. भूप सिंह, कार्यवाहक एमएस, जोनल अस्पताल मंडी