गाड़ागुसैणी क्षेत्र में जलकर राख हुआ मकान। स्त्रोत- जागरूक पाठक
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बालीचौकी (मंडी)। कटगाड़ गांव में आग लगने से अब पांच सदस्यों के परिवार को सिर छुपाने की समस्या पेश आई है। भारी ठंड के मौसम में अब इन लोगों का गुजर बसर मुश्किल हो गया है। आग में सब कुछ जल जाने के बाद परिवार के पास केवल तन पर पहने कपड़े ही शेष बचे हैं। ऐसे में परिवार का भरण पोषण, बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और बुजुर्ग पिता का उपचार करना तुलसी राम के लिए चुनौती बन गया है।
पिता और पुत्र ने कड़ी मेहनत कर छह कमरों का दो मंजिला मकान तैयार किया था। प्रभावित तुलसी राम ने बताया कि घटना के दौरान पूरा परिवार एक ही कमरे में सो रहा था। अचानक धुआं उठने से दम घुटने लगा। आनन फानन में परिवार के सभी सदस्यों को मुश्किल से बाहर निकाला। ग्रामीणों की मदद से गोशाला में बंधे पशुओं को भी बाहर निकाल दिया गया।
बताया कि उनका गांव सड़क से करीब 500 मीटर दूर है। यहां के लिए उचित रास्ता भी नहीं है। ऐसे में अग्निशमन वाहन भी यहां तक नहीं पहुंच पाते हैं। बच्चे अभी प्राथमिक स्कूल में पढ़ते हैं, उनकी किताबें और बैग भी आग में ही जल गए। अभी परिवार को सर्दी से बचाने व उनके भरण पोषण को लेकर प्रशासन और सरकार से ही उम्मीद लगाई है। संवाद