मंडी। भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच 22 अक्तूबर को सेरी मंच में चार गुना मुआवजा न देने के विरोध में प्रदर्शन करेगा। इस संबंध में मंच ने ऑनलाइन बैठक की। इसकी अध्यक्षता अध्यक्ष बीआर कौंडल ने की। इसमें शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा और कुल्लू के संयोजकों ने भाग लिया।
पदाधिकारियों ने रूप रेखा तैयार कर 22 अक्तूबर सुबह 11:30 सेरी मंच मंडी से चलकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकालने का निर्णय लिया। इसमें राज्य के 20 संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। उसके उपरांत मांगपत्र उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जाएगा।
प्रभावित मंच के अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण 2013 कानून को हिमाचल में लागू करने में आनाकानी कर रही है। केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापना को लागू करने के लिए राजी है, लेकिन हिमाचल की जयराम सरकार अभी तक किसानों को चार गुना मुआवजा नहीं देना चाहती है।
उत्तराखंड, बिहार और झारखंड आदि राज्यों में चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। संजोयक जोगिंद्र वालिया ने कहा कि प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए राज्य के किसान, अन्य संगठन, संयुक्त किसान मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), हिमाचल किसान सभा, नौजवान और महिलाएं रैली में हिस्सा लेंगी।
इस अवसर पर मदन शर्मा बिलासपुर, बीएस मेहता सोलन, नवीन मेहता, नरेश कुल्लू-मंडी, राजेश पठानिया कांगड़ा, डॉ. कुलदीप तंवर शिमला, मंडी से विजय ठाकुर, जितेंद्र वर्मा, कमल शर्मा, प्रशांत मोहन, मोहिंद्र राणा और राज कुमार अन्य मौजूद रहे। संवाद
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