जोगिंद्रनगर में प्रवासी लोगों को किराए के कमरे देने से पहले उनका थाना में पंजीकरण करवाने बारे ल
पुलिस ने सत्यापन अभियान के दौरान रिहायशी इलाकों में छापे मार कर कसा शिकंजा
कुछ वापस लौटे, अब वोटर और आईडी कार्ड की जांच के बाद ही मिलेगी रुकने की अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। बिना दस्तावेज और पंजीकरण जोगिंद्रनगर में रह रहे प्रवासी लोगों पर पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। कार्रवाई के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फर्जी दस्तावेजों से रह रहे करीब 100 लोग वापस चले गए हैं।
उपमंडल की तीन पुलिस चौकियों और थाना की टीमों ने सत्यापन अभियान के दौरान रिहायशी इलाकों में छापे मार कर बिना पंजीकरण रह रहे लोगों की जानकारी जुटाई है। अब इन लोगों के आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड की जांच पड़ताल के बाद ही उन्हें जोगिंद्रनगर में डेरा डालने की अनुमति दी जाएगी।
खुफिया विभाग की ओर से चौंतड़ा बौद्धिष्ट मॉनेस्ट्री में भी आवागमन कर रहे विदेशियों के सत्यापन की जांच की जा रही है। पुलिस बाहरी राज्य से विभिन्न धार्मिक स्थानों में भी पंजीकरण अवधि समाप्त होने के बावजूद रहने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। बीते पांच दिनों में लगभग 100 प्रवासी लोगों के पंजीकरण पुलिस थाने में दर्ज किए गए हैं। इन लोगों के व्यवसाय तथा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में डेरा जमाने से संबंधित जानकारी जुटाई गई है। उधर, जोगिंद्रनगर थाना प्रभारी सकीनी कपूर ने टिकरी मुशहैरा पंचायत पहुंचकर पंचायत प्रधान और लोगाें से बाहरी राज्य के लोगों को बिना पंजीकरण के शरण न देने का आह्वान किया।
बता दें कि जोगिंद्रनगर में बीते सप्ताह हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में बाहरी राज्य के लोगों के दस्तावेज जांचे तो उनके आधार कार्डों में अनियमितताएं पाई गईं। बिना पंजीकरण से रह रहे बाहरी राज्यों के लोगों को लेकर जब स्थानीय लोगों का विरोध शुरू हो गया तो समूचे उपमंडल में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस की क्यूआरटी टीम को भी मोर्चा संभालना पड़ा। अब पुलिस सतर्कता से जांच में जुटी हुई है।