बिजनी टनल का फेस। स्त्रोत : जागरूक पाठक
3.5 किलोमीटर लंबी दो टनलों का निर्माण जारी, मार्च 2025 में शुरू हुआ था काम
विश्वकर्मा पूजा पर कंपनी प्रबंधन ने किया हवन-पूजन, प्रोजेक्ट के जल्द पूरा होने की मांगी कामना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मंडी शहर के बीच से गुजरने वाले यातायात को बाईपास करने के लिए बनाई जा रही दो टनलों की खोदाई का 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत करीब 3.5 किलोमीटर लंबी इन दोनों टनलों का निर्माण सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। टनल निर्माण का कार्य भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है।
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर बिजनी में टनल निर्माण स्थल पर कंपनी की ओर से विशेष पूजा-अर्चना और हवन का आयोजन किया गया। कंपनी के जीएम आरसीएस रावत ने अधिकारियों, कर्मचारियों और कामगारों के साथ हवन-पूजन में भाग लिया। इसके बाद पूर्णाहुति डालकर भगवान विश्वकर्मा की आरती की गई। इस दौरान परियोजना के सुरक्षित और समय पर पूरा होने की कामना की गई।
मीडिया से बातचीत में जीएम आरसीएस रावत ने बताया कि एनएचएआई की इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2025 में शुरू किया गया था। अब तक टनलों की खोदाई का करीब 60 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। कंपनी प्रबंधन की ओर से तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
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मंडी शहर के यातायात को मिलेगा बाईपास
टनलों के तैयार होने के बाद पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले वाहन मंडी शहर के भीतर से गुजरे बिना बाईपास से आगे निकल सकेंगे। खासकर पठानकोट की ओर से कुल्लू-मनाली जाने वाले और कुल्लू-मनाली की तरफ से आने वाले वाहनों को इसका लाभ मिलेगा। इससे मंडी शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होने और वाहन चालकों के सफर में सुविधा मिलने की उम्मीद है।